गोरखपुर। गोरक्षपीठ की परंपरा के अनुसार गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने रविवार को महाअष्टमी के दिन विधि विधान से महानिशा पूजन व हवन किया। महानिशा पूजन अनुष्ठान से पूर्व उन्होंने वैदिक मंत्रों के बीच मां महागौरी की पूजा-अर्चना की। सोमवार को दुर्गा स्वरूपा नौ कन्याओं का पांव पखार कर पूजन करेंगे।
गोरखनाथ मंदिर के शक्तिपीठ में महानिशा पूजा का अनुष्ठान रविवार की रात गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शुरू हुआ। दो घंटे से अधिक चले अनुष्ठान में गोरक्षपीठाधीश्वर ने गौरी-गणेश, वरुण, पीठ, यंत्र और मां दुर्गा का विधिवत पूजन किया। साथ ही हवन की वेदी पर ब्रह्मा, विष्णु, रुद्र और अग्नि देवता का आह्वान कर पूजन किया। इसके बाद लोक मंगल की कामना के साथ हवन किया।
समस्त अनुष्ठान दुर्गा सप्तसती के पाठ एवं वैदिक मंत्रों के साथ संपन्न हुआ। अंत में आरती एवं क्षमा याचना के बाद प्रसाद वितरित हुआ। सीएम सोमवार को गोरखनाथ मंदिर स्थित अपने आवास के शक्तिपीठ में सुबह शारदीय नवरात्र की महानवमी तिथि को देवी दुर्गा के नौवें रूप मां सिद्धिदात्री की पूजा-अर्चना करेंगे। उसके बाद कन्या पूजन का अनुष्ठान होगा।
इस अवसर पर गोरक्षपीठाधीश्वर कुंवारी कन्याओं के पांव पखारकर पूजा-अर्चना करेंगे। उन्हें भोजन कराएंगे और दक्षिणा, उपहार देंगे। इस दौरान परंपरा के अनुसार बटुक पूजन भी किया जाएगा। विजयदशमी के दिन विजय शोभायात्रा में शामिल होंगे।
इस अवसर पर मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ, सांसद रविकिशन शुक्ल, विधायक विपिन सिंह, एमएलसी डॉ धर्मेन्द्र सिंह, एडीजी अखिल कुमार, पुरोहित रामानुज त्रिपाठी वैदिक, कालीबाड़ी के महंत रविन्द्रदास, अनन्य प्रताप शाही आदि मौजूद रहे।