मतदान वाले दिन बृहस्पतिवार को सार्वजनिक अवकाश है। अगले दिन शुक्रवार को बुद्ध पूर्णिमा के माैके पर अवकाश है। एक दिन शनिवार को ही कार्यदिवस है। इसके बाद रविवार को फिर अवकाश। ऐसे में दो दिन लगातार अवकाश पड़ने या फिर शनिवार को एक दिन की छुट्टी लेने पर तीन दिन का और अवकाश मिलने की ही चिंता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी सता रही है।
पिछले निकाय चुनाव के मतदान प्रतिशत को देखकर उनकी चिंता लाजमी भी मानी जा रही है। 2017 के निकाय चुनाव में महज 39 फीसदी मतदान हुआ था। समीक्षा में यह बात सामने आई थी की मतदान वाले दिन बहुत से लोग नेपाल या अन्य जगहों पर घूमने चले गए थे। यही वजह है कि मुख्यमंत्री लगातार चुनावी मंचों से मतदान वाले दिन लोगों से नेपाल घूमने नहीं जाने की अपील कर रहे हैं।
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नगर निगम में मतदान प्रतिशत और कम था। वहां 35 फीसदी मतदान हुआ था। हालांकि, निगम की तुलना में नगर पंचायत के वोटरों ने ज्यादा जागरूकता दिखाई थी। तब आठ नगर पंचायतों में 66.76 फीसदी वोटिंग हुई थी। निगम के 70 वार्डों में कुल 35.71 प्रतिशत ही वोट पड़े थे। पूरे जिले की वोटर संख्या और कुल पड़े वोटों पर गौर करें तो 39.42 प्रतिशत लोगों ने ही अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। इस बार 10 नए वार्ड बढ़े हैं जबकि वोटरों की संख्या बढ़कर 13.66 लाख हो गई है। इनमें नगर निगम के वोटरों की संख्या 10.48 फीसदी है।
कहां कितनी हुई थी वोटिंग
नगर निगम/ नगर पंचायत वोटिंग प्रतिशत
नगर निगम 35.71
पीपीगंज 73.33
मुंडेरा बाजार 72.88
पिपराइच 67.79
गोला बाजार 67.51
सहजनवां 61
बांसगांव 60.52
बड़हलगंज 60.03
संग्रामपुर ऊनवल 59.04