इसके बाद लोगों ने गोड़धोइया नाला मकान बचाओ संघर्ष समिति का गठन करके संघर्ष शुरू किया। इस बीच लोगों ने एमएलसी धर्मेंद्र सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधियों से मुलाकात की। एमएलसी धर्मेंद्र सिंह ने मोहल्ले में जाकर लोगों की बातें सुनीं। मकान और नाला की हकीकत देखकर इस मामले को सीएम तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।
शनिवार की शाम पौने पांच बजे सीएम से मुलाकात करने के लिए संघर्ष समिति के पदाधिकारी पहुंचे। एमएलसी की अगुवाई में समिति के अध्यक्ष पीके सिंह ने पूरी बात सीएम के सामने रखी। लोगों ने बताया कि 700 मकान टूटेंगे, जिससे सबका परिवार सड़क पर आ जाएगा। इस बरसात में लोग कहां जाएंगे। प्रतिनिधिमंडल की बात सुनने के बाद सीएम ने डीएम, नगर आयुक्त, जल निगम सहित अन्य विभागों के अधिकारियों से जानकारी ली।
तब सीएम को बताया गया कि मेडिकल कॉलेज के पास से शुरू नाला शुरुआत में 21 मीटर और अंत तक 46 मीटर चौड़ा होगा। उन्होंने डीएम से पूछा कि तीन दिन बारिश हुई है तो आप लोगों ने वहां जाकर देखा है कि कितना जलभराव हुआ है। तब अधिकारियों ने कहा कि पानी आसानी से निकल गया है। पूरी जानकारी लेने के बाद सीएम ने कहा कि 10 मीटर में पक्का नाला बनाइए। 3.7 मीटर में रोड बनाइए। सीएम ने साफ कहा कि कोई मकान नहीं टूटना चाहिए।
इस दौरान करीब 55 मिनट तक वार्ता चली। सीएम के निर्देश के बाद प्रभावितों को बड़ी राहत मिली। मोहल्ले में पहुंचकर लोगों ने खुशी जताई। इस दौरान प्रमोद सिंह, राकेश कुमार शर्मा, काशीनाथ चौबे, सुमन सिंह, रीना पांडेय आदि मौजूद रहीं।
लोगों ने कही ये बात
हम लोगों को उम्मीद थी कि सीएम हमारी बात सुनेंगे। उन्होंने हमारी पीड़ा को समझते हुए कहा है कि किसी का मकान नहीं टूटना चाहिए। 10 मीटर नाला और 3.7 मीटर की सड़क बनने से करीब 90 फीसदी मकान बच जाएंगे। इससे हम लोग काफी खुश हैं। -प्रमोद सिंह
मकान टूटने से हर कोई सड़क पर आ जाता। हम लोगों की बात एमएलसी धर्मेंद्र सिंह के जरिए सीएम तक पहुंची। सबको इस बात पर भरोसा था कि उनसे मिलने पर राहत जरूर मिलेगी। सीएम हमारे अभिभावक हैं। उन्होंने बड़ी राहत दी है। -अमर मिश्रा