मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर में मंगलवार शाम को अधिकारियों से शहर में चल रहे निर्माण कार्यों और नालों की सफाई की जानकारी ली। असुरन-पिपराइच फोरलेन के सर्वे और चल रहे विरोध के बारे में भी अधिकारियों से पूछा। सीएम ने सभी संबंधित अधिकारियों को बुधवार की सुबह सारे दस्तावेजों के साथ बुलाया है। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री कुछ अहम सुझाव दे सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समय से सारे प्रोजेक्ट को पूरा कराएं। नालों की सफाई ठीक से करा लिए जाएं ताकि बारिश में जलभराव की समस्या न होने पाए। नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने बताया कि सभी बड़े, मझोले और छोटे नालों की सफाई दो राउंड हो चुकी है। डीएम ने कहा कि उन्होंने भी निरीक्षण कराया था कुछ स्थानों पर कमियां थी, जिन्हें दूर करने के लिए कहा गया है। इसके बाद मुख्यमंत्री ने गोड़धोइया नाला के बारे में पूछा। नगर आयुक्त ने बताया कि गोड़धोइया नाला से मलबा निकालने का काम कुछ ही हिस्से में शेष है।
डायवर्जन और अस्थाई बंधे तोड़ दिए गए हैं ताकि पानी का फ्लो प्रभावित न हो। दूसरी ओर तरकुलानी नाला से शिल्ट और जलकुम्भी निकालने का काम तेजी से चल रहा है। तुर्रा नाला की सफाई भी की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी तरह की कोई कमी नहीं रहनी चाहिए। नगर आयुक्त ने 9 और 10 जुलाई को कचरा जलाने पर होने वाली राष्ट्रीय कार्यशाला से भी अवगत कराया, जिस पर मुख्यमंत्री ने हर्ष व्यक्त किया।