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चिट फंड कंपनियां: आवेदन कर रहे डंप...एक साथ ब्योरा भरेंगे तो छूट जाएंगे पसीने

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लोगों के रुपये लेकर भाग गई हैं जिले में खुलीं तमाम चिट फंड कंपनियां



पीड़ितों की ओर से भरे जा रहे हैं आवेदन फार्म, अभी नहीं फीड किया जा रहा डाटा



बृहस्पतिवार को भी लोगों ने जमा कराए आवेदन



संवाद न्यूज एजेंसी



गोरखपुर। चिट फंड कंपनियाें में जमा रकम वापसी के लिए लोग तहसीलों में आवेदन तो जमा करा रहे हैं, लेकिन इसका ऑनलाइन डाटा फीड नहीं हो रहा है। बृहस्पतिवार को भी सदर तहसील में करीब 90 लोगों ने आवेदन जमा कराए। कुल 970 आवेदन जमा हो चुके हैं और सभी आवेदन अभी एक जगह ढेर बना रख दिए गए हैं। आवेदनों के डाटा को ऑनलाइन नहीं करने से बाद में समस्या बढ़ सकती है, क्योंकि एक साथ ब्योरा ऑनलाइन दर्ज करने में पसीने छूट जाएंगे।



जिले में चिट फंड कंपनी खोलकर लोगों के रुपये जमा कराने वाली तमाम कंपनियां रफूचक्कर हो गई हैं। वर्ष 2013 के बाद खुली कंपनियों में लोगों के करोड़ों रुपये फंसे हैं। इनकी वापसी के लिए शासन की ओर से पहल की गई है। इसलिए पीड़ितों के आवेदन पत्र जमा कराए जा रहे हैं। शासन के निर्देश पर सभी तहसीलों में इसकी व्यवस्था बनाई गई है। आवेदन पत्र जमा कराने के लिए सदर तहसील सहित अन्य सभी तहसीलों में अलग से काउंटर बनाकर कर्मचारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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आवेदन के दौरान आवेदकों को आधार कार्ड, बैंक पास बुक, फर्म में जमा राशि का बांड, अंतिम रसीद की फोटो काॅपी समेत भरे हुए आवेदन पत्र के साथ जमा कराना है। इसमें पीड़ित के मोबाइल नंबर का आवेदन फार्म पर स्पष्ट रूप से किया जाएगा। आवेदन फार्म में जमा कराई रकम के संबंध में पालिसी संख्या, किस्त की राशि, किस्तों की संख्या, कुल जमा राशि, आरंभ की तिथि और परिपक्वता तिथि का जिक्र करना है। लोग लगातार आवेदन जमा करा रहे हैं, लेकिन डाटा ऑनलाइन फीड नहीं किया जा रहा है।
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अचानक बढ़ेगा बोझ, कर्मचारी हो जाएंगे परेशान



आवेदकों की संख्या रोजाना बढ़ती जा रही है। महज 10 दिनों में एक तहसील में एक हजार आवेदन हो गए हैं। बारिश होने की वजह से पीड़ित कम पहुंच रहे हैं। लेकिन अभी संख्या भी बढ़ेगी। माना जा रहा है कि तमाम लोग अपने कागजात जुटा रहे हैं, ताकि आवेदन कर सकें। रोजाना डाटा फीड नहीं होने से आवेदनों की संख्या बढ़ जाएगी। एक साथ डाटा फीडिंग में बोझ पड़ेगा, जिससे गलती होने की संभावना रहेगी। इसलिए रोजाना डाटा फीड किए जाने का इंतजाम होना चाहिए। बताया जा रहा कि इसके लिए कंप्यूटर और डाटा ऑपरेटर की तैनाती नहीं हुई है। यदि डाटा ऑपरेटर तैनात कर दिए जाएं तो आवेदकों का ब्योरा रोज का रोज ऑनलाइन हो सकेगा।



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वर्जन



शासन के निर्देश पर आवेदन पत्र जमा कराए जा रहे हैं। इसकी व्यवस्था की गई है। आगे शासन के निर्देश पर कार्रवाई की जाएगी।



विनीत सिंह, एडीएम (वित्त एवं राजस्व)
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