- सोमवार को जिला अस्पताल आई भीड़ के चलते पर्ची बनवाने को भी लोगों को जूझना पड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। उमस भरी गर्मी के कारण बच्चों में घमौरिया और फोड़े फुंसी के मामले तेजी से बढ़े हैं। चर्म रोग की ओपीडी में ऐसे बच्चों की संख्या अधिक आ रही है, जिनके चेहरे व शरीर पर लाल-लाल दाने निकल गए हैं। वहीं जनरल ओपीडी में डायरिया, वायरल बुखार के मामले भी खूब आ रहे हैं। सोमवार को जिला अस्पताल में इस कदर भीड़ जुटी थी कि पर्ची बनवाने में भी लोगों को धक्का-मुक्की करनी पड़ी।
एक सप्ताह से शहर में बारिश नहीं हुई है। जेठ जैसी तपती दुपहरी और रात में भी गर्मी के चलते लोग परेशान हैं। बिजली कटौती ने हालत और खस्ता कर दी है। मौसम की इस बेरुखी से सबसे अधिक बच्चे प्रभावित हैं। सोमवार को त्वचा रोग विभाग की ओपीडी में कुल 140 मरीज आए थे, जिनमें से अधिकांश बच्चे ही थे। बाल रोग विभाग में भी 120 मरीज पहुंचे। त्वचा रोग विभाग के डॉ. दीपक अग्रवाल ने बताया कि गर्मी के कारण सभी को परेशानी हो रही है। बच्चों में मिलेरिया रोबरा की समस्या सबसे ज्यादा है। इसमें पीठ के साथ चेहरे, हाथ, पैर पर लाल दाने निकल जाते हैं। इस मौसम में पाउडर लगाने पर शरीर से पसीने निकल नहीं पाते हैं। रोमछिद्र बंद होने से संक्रमण हो जाता है। बाल रोग विभाग के डाॅ. लालबाबू यादव ने बताया कि बच्चों में बुखार और डायरिया के मामले आ रहे हैं। बच्चों को स्कूल जाते समय ओआरएस घोल और सादा पानी दोनों देना जरूरी है। फिजिशियन डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि इन दिनों वायरल फीवर और डायरिया के मामले अधिक आ रहे हैं। गर्मी के चलते लोगों की नींद पूरी नहीं होने से उनके स्वभाव में भी चिड़चिड़ापन है, जिससे उनका शुगर व ब्लड प्रेशर लेवल भी अनियंत्रित हो रहा है।
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पर्ची बनवाना और दवा पाना जंग जीतने जैसा
जिला अस्पताल में आए मरीजों को डॉक्टर की सलाह से पहले पंजीकरण कराना जरूरी होता है। पर्चा बनवाने के लिए काउंटर के अलावा ऑनलाइन व्यवस्था भी है, लेकिन भीड़ होने पर सब बिगड़ जाता है। मरीजों को पर्चा बनवाने में ही घंटे भर परेशान होना पड़ता है। डॉक्टर ने दवा लिख दी तो वहां भी लंबी कतार लगानी पड़ती है।
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ये करें उपाय
त्वचा की समस्या से बचने के घरेलू उपाय
- सुबह- शाम ठंडे पानी से नहाएं
- कूलर, पंखें की हवा में रहे
- पाउडर का इस्तेमाल ना करें
- हल्के कपड़े का उपयोग करें
- हल्का खाना खाएं
- दिन में कम ही बाहर निकलें