इसी पेड़ पर चढ़े युवक की हाईटेंशन तार की चपेट में आने से मौत हो गई।
गोरखपुर जिले में बेलघाट थाना क्षेत्र के ग्राम बेली खुर्द में हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से एक बालक की मौत हो गई। दूसरा युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। ग्रामीणों व परिजनों ने घायल दोनों बालकों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बेलघाट लेकर गए। हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने जिला अस्पताल भेज रेफर कर दिया। यहां एक बालक को मृत घोषित कर दूसरे को मेडिकल कॉलेज उपचार के लिए भेज दिया। परिजनों की तरफ से तहरीर नहीं दी गई है।
क्षेत्र में हाईटेंशन लाइन के बगल में एक छायादार पेड़ है। इसी पेड़ पर गांव के प्रह्लाद और सचिन चढ़े थे। अचानक बालक प्रह्लाद हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गया। करंट लगते ही गंभीर रूप से घायल होकर प्रह्लाद और सचिन नीचे आ गिरे। बताया जा रहा कि प्रहलाद सीधे करंट की चपेट में आ गया था। जबकि, दोस्त सचिन उसके साथ था।
गांव वालों ने आरोप लगाया कि दोनों घायलों को उपचार के लिए जब बेलघाट प्राथमिक केंद्र लाए तो वहां चिकित्सकीय उपचार ढंग से नहीं मिल सका। स्वास्थ्य केंद्र से लाए जाने तक प्रह्लाद की धड़कन चल रही थी। वहां से दोनों को जिला अस्पताल भेजा गया। जिला अस्पताल में प्रह्लाद को मृत घोषित कर दिया गया। सुनते ही परिजन बेसुध हो गए। परिजन अस्पताल बालक का शव लेकर गांव चले गए।
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बेलघाट पुलिस ने बताया कि बालक का शव गांव में लाया गया है। परिजनों की तरफ से अभी किसी प्रकार की सूचना नहीं दी गई। सूचना मिलने पर सोमवार को शव का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। जबकि, घायल बालक का मेडिकल कॉलेज में उपचार चल रहा है। बालक के साथ मौजूद सिद्धू ने बताया कि सचिन की हालत में सुधार है। अधिशासी अभियंता सिकरंगीज संतोष कुमार ने बताया कि पेड़ पर दोनों बालक चढ़े हुए थे, जिससे वह हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आ गए। अगर पेड़ की डाली या लकड़ी हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आती तो तत्काल ट्रिप कर बिजली आपूर्ति बंद हो जाती।
बिजली निगम की लापरवाही से नहीं हुआ हादसा
हादसे के बाद गांव में बिजली निगम के खिलाफ काफी गुस्सा है। उनका कहना है कि हाईटेंशन लाइन के पास पुराना पेड़ था। ऐसे में पेड़ की डालियों को समय समय पर छटवाने का जिम्मा बिजली निगम का ही होता है। अगर समय से पेड़ की छटाई करवाए होते तो बच्चे पेड़ की उस डाली तक ही नहीं पहुंच पाते, जिससे हाईटेंशन लाइन के संपर्क में वो आते।