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Gorakhpur News: गल्ला मंडी में रात में चेक पोस्ट पर ताला.. धड़ल्ले से हो रही कर चोरी-तस्करी

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महेवा मंडी में जांच में खामियों के चलते कर चोरी और तस्करों को मौका मिल रहा है। रात में गल्ला मंडी का चेकपोस्ट बंद रहता है, जिसका फायदा कर चोरी करने वाले धंधेबाज और तस्कर उठा रहे हैं। इससे आम व्यापारी भी परेशान हैं। उनका कहना है कि रात में गल्ला मंडी में करीब 15 करोड़ रुपये का माल आता है। व्यवस्था में खामी की वजह से धंधेबाजों को मंडी शुल्क की चोरी के साथ तस्करी का मौका मिल रहा है।
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नो इंट्री खुलने के बाद बुधवार रात 10:50 बजे ट्रक आने लगे। धर्मकांटा पर सब्जी और फल की गाड़ियों का वजन किया जा रहा था, लेकिन उसी लाइन में खड़े गल्ला मंडी के ट्रकों को बिना वजन के ही आगे जाने दिया गया। मेन गेट से आगे बढ़े ट्रकों को चेक पोस्ट पर रुकने की नौबत नहीं आई, क्योंकि चेक पोस्ट पर पहले से ही ताला लगा था।
चेक पोस्ट के पास मिले बड़हलगंज के ड्राइवर दिनेश और उसके साथी ने बताया कि गल्ला मंडी का चेक पोस्ट रात में बंद रहता है। सुबह साहब आएंगे तो कागज देखकर जांच करेंगे। इसी बीच माल इधर-उधर करने की बात हुई तो बोला-सेटिंग है तो गल्ला मंडी में कुछ भी करो। व्यापारियों के अनुमान के मुताबिक, मंडी में छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र सहित अन्य राज्यों से हर रात 50 ट्रक और 20 पिकअप से माल आता है। वाहनों की संख्या कम ज्यादा होती रहती है, एक दिन में औसतन 15 करोड़ रुपये का कारोबार होने का अनुमान है।
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व्यवस्था की खामी का इस तरह फायदा उठा रहे धंधेबाज
मंडी में माल वाहन को प्रवेश करने से पहले उसे प्रवेश पर्ची लेनी चाहिए, इसका रिकॉर्ड ऑनलाइन होता है, लेकिन गल्ला मंडी में ऐसा नहीं होता। एक मंडी से दूसरे मंडी में माल भेजने के लिए 9-आर की पर्ची होनी चाहिए, जबकि माल को दूसरे राज्य में प्रवेश करने से पहले प्री एरायबल स्लीप होती है। व्यवस्थाएं ऐसी हैं कि चोरी करना कठिन काम है, लेकिन रात में जांच नहीं होने से धंधेबाजाें को काली कमाई का मौका मिलता है। मंडी अधिकारियों का दावा है कि जांच के लिए सीसीटीवी कैमरे और गार्ड भी हैं, लेकिन एक व्यापारी ने बताया कि एक ट्रक दाल का मंडी शुल्क 65 हजार रुपये से अधिक है, रात में प्रतिबंधित खेसारी दाल भी अंदर आ और बाहर जा सकती है। बिहार के फर्जी फर्म के बिलों पर मंडी शुल्क के चोरी की आशंका है, जबकि यदि 9-आर स्लीप के बिना भी माल अंदर आ गया तो उसके लिए काली कमाई की जा सकती है।
गल्ला मंडी का गेट हमेशा बंद रहता है। कर्मचारी कम हैं, लेकिन सीसीटीवी कैमरे हैं और गार्ड भी हैं। ऐसी स्थिति में कर चोरी और तस्करी करना संभव नहीं है। ऐसी व्यवस्था है कि यदि कोई कर चोरी करेगा तो उसे पकड़ लिया जाएगा।
लाल बहादुर, निरीक्षक, गल्ला मंडी

मंडी के मुख्य गेट पर वाहनों की जांच होती है, जबकि सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। मंडी में रात में आठ गार्ड ड्यूटी पर रहते हैं। ऐसी व्यवस्था में कर चोरी और तस्करी की गुंजाइश ही नहीं है।
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राजित राम वर्मा, सचिव, कृषि मंडी समिति
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