- आरोपी ने खुद को बताया था छात्रनेता, कैंट पुलिस ने दर्ज किया केस
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। डीडीयू में नौकरी दिलाने का झांसा देकर चार लाख रुपये की जालसाजी का मामला सामने आया है। आरोप है कि नौकरी नहीं लगने पर रुपये मांगने पर मारपीट कर जान से मारने की धमकी भी दी गई। कैंट पुलिस ने आरोपी रजत पर केस दर्ज कर लिया है। उसने खुद को छात्रनेता बताकर झांसा दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
जानकारी के मुताबिक, रामगढ़ताल इलाके के आजाद नगर पूर्वी निवासी वीरेंद्र त्रिपाठी ने दी तहरीर में लिखा है कि वह रोजगार की तलाश में था, तभी झंगहा के तरकुलही निवासी रजत से मुलाकात हो गई। उसने बताया कि वह डीडीयू में छात्रनेता है और कहा कि में कई लोगों को यूनिवर्सिटी में नौकरी दिला चुका हूं, अभी चपरासी का पद खाली है, रिश्तेदार वहां पर बड़े पद पर हैं। आप काे भी नौकरी दिला दूंगा।
आरोप है कि नौकरी का फर्जी दस्तावेज दिखाकर हस्ताक्षर कराकर मेरा मार्कशीट आदि प्रपत्र की फोटो काॅपी लिया और कहा कि चार लाख रुपये की व्यवस्था करके दे दो। रजत की बातों पर विश्वास करके तीन बार में कुल चार लाख रुपये भुगतान कर दिया।
आरोप है कि जब रजत से नौकरी के बारे में पूछताछ की तो उसने 23 अप्रैल 2023 को शाम सात बजे यूनिवर्सिटी बुलाया। वहां पहले से मौजूद रजत व 5-6 लोगों ने घेर लिए और जान से मारने की धमकी देने लगे। आरोपियों ने कहा कि अगर दोबारा नौकरी या रुपये की बात किए तो हत्या कर दूंगा। प्रभारी निरीक्षक कैंट रणधीर मिश्रा ने बताया कि केस दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
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विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देकर जालसाजी
गोरखपुर। दो युवकों से दुबई में नौकरी दिलाने के नाम पर ढाई लाख रुपये जालसाजी का मामला सामने आया है। एसएसपी के आदेश पर तिवारीपुर पुलिस ने सूर्य विहार कॉलोनी में ट्रैवल एजेंसी संचालक सिराजुलहक के खिलाफ जालसाजी, धमकी देने सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कर किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
जानकारी के मुताबिक, महराजगंज जिले के सोनौली निवासी मनीष कन्नौजिया और नीरज जायसवाल ने एसएसपी को दिए प्रार्थनापत्र में लिखा है कि विदेश में जाकर रोजगार करने के लिए उन लोगों ने सिराजुलहक से संपर्क किया तो उसने ढाई लाख रुपये में दुबई में नौकरी दिलाने की बात कही। लेकिन, वहां जाने पर मालूम हुआ कि उनको टूरिस्ट वीजा दिया गया है। नौकरी नहीं दी गई।
दोनों अपने परिवार के लोगों की मदद से घर लौटे। फिर रुपये लेने वाले के खिलाफ कार्रवाई के लिए 30 अक्तूबर को तहरीर दी। लेकिन, पुलिस ने केस नहीं दर्ज किया। एसएसपी के आदेश पर केस दर्ज कर पुलिस जांच शुरू कर दी है।