गोरखपुर। गोरखपुर समेत बिहार, बलिया और लखनऊ में आतंक का पर्याय रहे एक लाख के इनामी सुमित सिंह उर्फ चवन्नी को मंगलवार की सुबह जौनपुर के बदलापुर में एसटीएफ ने मुठभेड़ में ढेर कर दिया। मऊ सराय लखंसी इमिलिया निवासी चवन्नी का गोरखपुर में भी सिक्का चलता था। वह यहां कई बड़े माफिया और बदमाशों के संपर्क में भी था। तारामंडल, धर्मशाला बाजार, राजेंद्रनगर, मोहद्दीपुर और कोतवाली इलाके में इसके गुर्गे रहते थे, जहां वह फरारी के समय शरण लेता था।
वर्ष 2013 दिसंबर में शार्प शूटर चवन्नी सिंह को स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) व बेलीपार पुलिस की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार किया था। इसके पास से एक नाइन एमएम की पिस्टल, आधा दर्जन कारतूस व बाइक बरामद हुई थी।
तब पुलिस ने बताया था कि सूचना मिली थी कि शातिर बदमाश सुमित सिंह उर्फ मोनू उर्फ चवन्नी सिंह किसी की हत्या करने के लिए गोरखपुर आ रहा है। बेलीपार थाने में चवन्नी के खिलाफ आर्म्स एक्ट, धोखाधड़ी और अन्य गंभीर धाराओं में दर्ज कर उसे जेल भेजा गया था।
गोरखपुर जेल में चवन्नी ने अपनी टीम बनाई। जेल के बंदी जानते थे कि चवन्नी पर मऊ के मुख्तार अंसारी और सिवान के तत्कालीन सांसद शाहबुद्दीन का हाथ है। इसलिए कम ही समय में उसने जेल में बंद रहने के दौरान यहां अच्छी टीम तैयार कर ली थी। सूत्रों की मानें तो धर्मशाला बाजार के दो युवक चवन्नी के रुकने की व्यवस्था शहर में कराते थे। यहां रहते हुए ही वर्ष 2016 में सिवान में पत्रकार की हत्या में चवन्नी का नाम आया था। इसमें उसके साथ गोरखपुर के कोतवाली इलाके के दो बदमाश भी शामिल थे, जिन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
बिहार के नेता की हत्या में शामिल था गोरखपुर का बदमाश
जेल से ही चवन्नी के साथ बस्ती निवासी विकास पाल सिंह उर्फ विक्की और कोतवाली के जाफरा बाजार का शैलेंद्र यादव जुड़ गया था। बिहार के नेता की हत्या में तीनों का नाम आया था। 23 नवंबर 2014 को सिवान में विवाह समारोह से लौटते समय सराफा कारोबारी श्रीकांत भारतीय की हत्या की गई थी, जिसके बाद सिवान में हालात बिगड़ गए थे। विक्की को सिवान पुलिस ने गोरखपुर से ही गिरफ्तार किया था।
एक बड़े नेता पर लगा था शरण देने का आरोप
जिले के एक बड़े नेता पर भी चवन्नी को शरण देने का आरोप लगा था। मई 2012 में छात्रसंघ चौराहे पर बाइक सवारों ने एक नेता के भाई पर गोलियां बरसाई थीं, जिसमें वह बाल-बाल बच गया था। इस घटना का बदला लेने के लिए नेता ने चवन्नी को शरण दी थी। पुलिस की जांच में भी यह बात सामने आई थी।
मुठभेड़ में गोरखपुर यूनिट भी शामिल
जौनपुर में मंगलवार को यूपी एसटीएफ के साथ ही गोरखपुर यूनिट भी मुठभेड़ में शामिल थी। एसटीएफ के डिप्टी एसपी डीके शाही की टीम के साथ गोरखपुर एसटीएफ प्रभारी सत्य प्रकाश सिंह भी मौजूद रहे। गोरखपुर की टीम चवन्नी को अच्छी तरह पहचानती थी। उसे पकड़ने के लिए काफी दिनों से प्रयास कर रही थी।