चौरीचौरा के शिवपुर चकदहा में मां-बेटी की हत्या के मामले में अब तक 70 से अधिक लोगों से पुलिस सवाल-जवाब कर चुकी है। लेकिन, अभी तक हत्या की गुत्थी सुलझ नहीं पाई है। 29 मार्च की देर रात घर में सो रही (मां-बेटी) पूनम निषाद (40) और अनुष्का (12) की गड़ासे से मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के 22 दिन बाद भी पुलिस की आठ टीमें मिलकर भी पर्दाफाश नहीं कर सकी हैं।
इस घटना में पूनम की बड़ी बेटी बेटी खुशबू की तहरीर पर चौरीचौरा पुलिस ने गांव के ही संजय उर्फ शैलेंद्र, उसके पिता कोटेदार सरजू, भाई सुरेंद्र और दो अज्ञात पर हत्या का केस दर्ज किया। इसके बाद संजय उर्फ शैलेंद्र को गिरफ्तार कर जेल भेजवा जरूर दिया है।
लेकिन, आरोपी के खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य पुलिस नहीं जुटा पाई है। पुलिस सूत्रों की मानें तो मुंबई के एक युवक की तलाश चल रही है, जिसकी गिरफ्तारी के बाद घटना का पर्दाफाश हो जाएगा।
सपने में आती है मां-बहन की चींखने की आवाज
घटना के बाद से ही पूनम की बेटी खुशबू व उसका भाई विशाल अपने घर पर नहीं रह रहे हैं। खुशबू का कहना है कि घर पर जाने पर सपने में मां और बहन की चींखने की आवाज सुनाई देती है। जब तक सभी आरोपी गिरफ्तार नहीं कर लिए जाएंगे, तब तक उनकी आत्मा को शांति नहीं मिलेगी।
घटना के बाद से ही पूनम के घर पर ताला बंद है। पुलिस की जांच के समय केवल घर का ताला खोला जाता है। इस केस की चश्मदीद गवाह खुशबू अपने भाई विशाल के साथ बगल में चाचा के घर पर रह रही है।
संजय को मिल सकता है फायदा
कोटेदार संजय इस केस में जेल में बंद है। उसके परिवार के लोग उसे बाहर निकालने के लिए कोर्ट के चक्कर भी लगा रहे हैं। परिवार के लोगों से अधिवक्ता ने कहा है कि संजय के खिलाफ पुलिस कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर पाई है। इसलिए बहुत जल्द जमानत होने का दावा किया है। वहीं, संजय की पत्नी ने इस मामले में सीबीआई जांच की मांग की है।