गोरखपुर। अरब सागर में चल रही नम पश्चिमी हवाओं के चलते इन दिनों मौसम के मिजाज में लगातार बदलाव दिख रहा है। दो-चार दिन चटख धूप के बाद अचानक बादल छाने और तेज हवा चलने के कारण तापमान में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। मौसम में बदलाव का असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है।
मौसम विभाग के मुताबिक, मौसम में यह बदलाव ईरान के ऊपर बने पश्चिमी विक्षोभ के क्षेत्र के कारण कारण आया है। अरब सागर से नम पश्चिमी हवाएं भी चल रही हैं। इससे जम्मू कश्मीर, लद्दाख, हरियाणा, उत्तराखंड के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में बर्फबारी और बारिश होने से उसका असर आसपास के प्रदेश पर भी पड़ा है।
इस दौरान मौसम विभाग ने आंधी-तूफान एवं बारिश के साथ ओलावृष्टि की भी चेतावनी जारी की थी। हालांकि गोरखपुर समेत आसपास जिलों में इसका खासा असर नहीं देखने को मिला। दिन में कभी कभार बादल छाए रहे। सोमवार की शाम को हवाएं चलती रहीं। मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि इसका असर आगे भी देखने को मिलेगा। मंगलवार से दो-तीन दिन सतही स्तर पर तेज पछुआ हवा चलेगी। हवा की रफ्तार 25 से 30 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार लोगों को परेशान करेगी।
40 के करीब पहुंचा अधिकतम तापमान
मौसम विभाग ने सोमवार को अधिकतम तापमान 39.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया। यह इस मौसम का अबतक का सबसे अधिक तापमान है। दिन में चटक धूप के साथ उमस लोगों को परेशान करती रही। न्यूनतम तापमान 22.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।