गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी के बीफार्मा और डीफार्मा प्रोग्राम को कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल की स्वीकृति मिल गई है।
फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया ने विश्वविद्यालय में बीफार्मा और डीफार्मा प्रोग्राम वर्तमान शैक्षिक सत्र से शुरू करने के लिए अनुमोदन पहले ही प्रदान कर दिया है। विद्या परिषद एवं कार्य परिषद की संस्तुति के आधार पर विश्वविद्यालय में फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के अंतर्गत स्थापित इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी की ओर से स्ववित्तपोषित योजना के तहत बैचलर ऑफ फार्मेसी (बी फार्मा) एवं डिप्लोमा कोर्स इन फार्मेसी (डी फार्मा) पाठ्यक्रम के अध्यादेश पर उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम 1973 की धारा-52(5) के अंतर्गत कुलाधिपति ने अनुमति प्रदान कर दी है।
इसके साथ ही विश्वविद्यालय में बीफार्मा और डीफार्मा कार्यक्रम शुरू करने की तैयारियां जारी है। दोनों पाठ्यक्रमों में 60-60 सीटों पर प्रवेश होगा। कुलपति ने कहा कि प्रवेश प्रक्रिया जल्द ही शुरू होगी। हम अपने छात्रों को फार्मास्युटिकल विज्ञान में उच्चतम गुणवत्ता वाली शिक्षा और प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।