अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय के मुंह का कैंसर) ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) के संक्रमण से होता है। इसे सावधानी, जननांग स्वच्छता, टीकाकरण, समय पर जांच और शुरूआती लक्षणों को पहचान कर पूरी तरह से रोका जा सकता है। यह स्तन कैंसर के बाद महिलाओं में होने वाली दूसरी बड़ी बीमारी है। इससे हर आठ मिनट में एक महिला की जान चली जाती है।
यह जानकारी बृहस्पतिवार को एम्स के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. शिखा सेठ ने बृहस्पतिवार को जागरूकता कार्यक्रम में दी। स्त्री एवं प्रसुति रोग विभाग जनवरी को सर्वाइकल कैंसर जागरूकता माह के रूप में मना रहा है। महिलाओं को इस जानलेवा कैंसर की रोकथाम व निदान की जानकारी के साथ मुफ्त पीएपी (पैप) स्क्रीनिंग टेस्ट कैंप का आयोजन किया गया है। विभागाध्यक्ष डॉ. शिखा सेठ ने कहा कि समय रहते कैंसर का पता लक्षणों व पीएपी टेस्ट से लग सकता है। इसके लिए जिम्मेदार एचपीवी से बचाव का टीका भी बाजार में उपलब्ध है। जो 9 से 14 साल की लड़कियों को लगाया जाता है। इससे 97 प्रतिशत रोग कम होने की संभावना हो जाती है। अभियान के दौरान 25 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाएं अपनी निःशुल्क जांच करा सकती हैं। इस जांच में बीमारी के लक्षण मिलने पर एम्स में ही इलाज भी हो जाएगा।
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शिवपुर और डुमरी खास में लगेगा कैंप
शिवपुर और डुमरी खास के ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र पर जागरूकता कैंप लगाया जाएगा। इसमें एमबीबीएस नर्सिंग और पीजी विद्यार्थियों के लिए कैंसर की जांच और इलाज पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। शिविर में विद्यार्थियों के लिए पोस्टर और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का भी अयोजन किया जाएगा।