रेलवे में सहायक लोको पायलट और तकनीशियन ग्रेड में भर्ती के लिए चयनित अभ्यर्थियों का पैनल तैयार करने में विलंब कर वसूली के आरोप में सीबीआई ने रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआबी) के तत्कालीन चेयरमैन प्रवीण कुमार राय, तीन रेलकर्मियों और अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
सीबीआई के एंटी करप्शन ब्यूरो, लखनऊ ने एनईआर के उप मुख्य सतर्कता अधिकारी, लेखा की रिपोर्ट पर लखनऊ में धोखाधड़ी, रिश्वत लेने और षडयंत्र रचने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज की है। आरोप है कि वर्ष 2018-19 में रेलवे भर्ती बोर्ड, गोरखपुर की ओर से आयोजित भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता बरती गई थी।
चयनित अभ्यर्थियों ने रेल प्रशासन से शिकायत की थी कि जानबूझकर उनका नाम पैनल में शामिल नहीं किया जा रहा है। विलंब कर रुपये की मांग की जा रही है। शिकायत पर रेलवे विजिलेंस ने जांच शुरू की। अनियमितता बरतने और वसूली के आरोप जांच में सही पाए गए।
इस रिपोर्ट के आधार पर पूर्वोत्तर रेलवे के उप मुख्य सतर्कता अधिकारी, लेखा जेए वैंड्रीन ने 7 जनवरी 2025 को सीबीआई के इन्वेस्टिगेशन एंटी करप्शन ब्यूरो को पत्र लिखकर एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश की थी।
सीबीआई ने आरआरबी के तत्कालीन चेयरमैन प्रवीण कुमार राय, तत्कालीन तकनीशियन विनय कुमार श्रीवास्तव, तत्कालीन कार्यालय सहायक वरुण राज मिश्रा, सूरज कुमार श्रीवास्तव और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
जांच सीबीआई में एडिशनल एसपी रानू चौधरी को सौंपी गई है। इसी सिलसिले में बृहस्पतिवार को सर्च वारंट के साथ सीबीआई की टीम ने गोरखपुर आकर सभी आरोपियों के आवास पर छापा मारा था। तलाशी के दौरान कुछ दस्तावेज, बैंक पास बुक, जमीनों के कागजात व गहनों की जानकारी ली थी।