अमर उजाला ब्यूरो
कैंपियरगंज (गोरखपुर)। कैंपियरगंज नगर पंचायत चौमुखा के मां दुर्गा अस्पताल में मंगलवार को हुए जच्चा-बच्चा की मौत के मामले में कैंपियरगंज पुलिस ने दर्ज केस को हत्या में तब्दील कर दिया है। इसके अलावा जालसाजी, आपराधिक साजिश और 15 (3) इंडियन मेडिकल काउंसिल एक्ट की धारा भी बढ़ाई है। क्योंकि, बिना डिग्री के मरीज का ऑपरेशन किया गया था और फिर मौत हो गई थी। इस वजह से पुलिस ने इसे जानबूझकर हत्या करने की घटना जांच में पाया है। आरोपियों के खिलाफ पुलिस चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में भी है।
जानकारी के मुताबिक, नगर पंचायत चौमुखा के वार्ड नंबर 14 निवासी शैलेश चौरसिया की पत्नी सरिता चौरसिया को प्रसव पीड़ा होने पर 22 अगस्त को घर के नजदीक मां दुर्गा अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अगली सुबह ऑपरेशन से बेटे का जन्म हुआ। कुछ समय बाद नवजात की मौत हो गई। दोपहर बाद प्रसूता की भी हालत बिगड़ने लगी थी। उसी दिन शाम करीब चार बजे अस्पताल संचालक शैलेंद्र सोलंकी दो साथियों के साथ महिला को लेकर चिलुआताल क्षेत्र के नकहा नंबर एक के पास निर्मला अस्पताल पहुंचा, जहां डॉक्टरों ने महिला को मृत घोषित कर दिया था।
सूचना के बाद चिलुआताल पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया और केस दर्ज कर सभी आरोपियों को जेल भिजवा दिया था। अब पुलिस ने गैर इरादतन हत्या की धारा में दर्ज केस को हत्या में बदलने के साथ ही अन्य धाराओं को बढ़ाया है।
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कोट
बिना डिग्री के जानबूझकर लालच में ऑपरेशन किया गया। इस वजह से प्रसूता और नवजात की मौत हुई थी। गंभीर अपराध को देखते हुए पुलिस ने गैर इरादतन हत्या की धारा को हत्या में तब्दील कर दिया है। अन्य धाराएं भी जांच के आधार पर बढ़ा दी गई हैं। आरोपियों को सजा हो सके, इसके लिए पुलिस साक्ष्यों के साथ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करेगी।
-मनोज अवस्थी, एसपी नार्थ