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Gorakhpur News: हिंदी बाजार का 'चर्चित' धंधेबाज 6.50 किलो अवैध सोने के साथ गिरफ्तार- ऐसे हुई कार्रवाई

Thu, 22 Aug 2024 11:43 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो रोहित सिंह, गोरखपुर

सार

डायरेक्ट्रेट ऑफ रेवेन्यू (डीआरआई) की टीम ने अवैध सोने के धंधेबाजों के खिलाफ मंगलवार को दो बड़ी कार्रवाई की हैं। लखनऊ की टीम ने गोरखपुर-लखनऊ हाईवे पर हिंदी बाजार के बड़े धंधेबाज के कैरियर को गाड़ी समेत पकड़ लिया। उसके पास से साढ़े छह किलो अवैध सोना बरामद किया गया। उधर, टीम ने बुधवार को हिंदी बाजार के जिस धंधेबाज की दुकान और घर पहुंचकर रिकॉर्ड खंगाले थे। रिकॉर्ड खंगालने के दौरान कोलकाता कनेक्शन सामने आने पर धंधेबाज के भाई को टीम लखनऊ ले गई। केस दर्ज कर गिरफ्तार भी कर ली है।
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सोना बुलियन और आभूषण( सांकेतिक) - फोटो : istock
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विस्तार
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डायरेक्ट्रेट ऑफ रेवेन्यू (डीआरआई) की टीम ने अवैध सोने के धंधेबाजों के खिलाफ मंगलवार को दो बड़ी कार्रवाई की हैं। लखनऊ की टीम ने गोरखपुर-लखनऊ हाईवे पर हिंदी बाजार के बड़े धंधेबाज के कैरियर को गाड़ी समेत पकड़ लिया। उसके पास से साढ़े छह किलो अवैध सोना बरामद किया गया।
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उधर, टीम ने बुधवार को हिंदी बाजार के जिस धंधेबाज की दुकान और घर पहुंचकर रिकॉर्ड खंगाले थे। रिकॉर्ड खंगालने के दौरान कोलकाता कनेक्शन सामने आने पर धंधेबाज के भाई को टीम लखनऊ ले गई। उससे पूछताछ की जा रही है।

पिछले दिनों पकड़ा गया तीन किलो अवैध सोना - फोटो : अमर उजाला
बताया जा रहा है कि दोनों मामलों में एक ही धंधेबाज शामिल है। डीआरआई की टीम इसके पहले भी हिंदी बाजार में कार्रवाई कर चुकी है। इस बार धंधेबाज के छोटे भाई को पकड़ा गया है। विभाग के विश्वसनीय सूत्रों ने बताया कि हिंदी बाजार के कर्मचारी या किसी पारिवारिक सदस्य को एजेंसी ने अपने विश्वास में ले लिया था।

धंधेबाजों ने अब धंधे के तरीके को बदल दिया है। अब वे खुद अवैध सोने को खपाने की जगह मोटी रकम देकर कैरियर रख रहे हैं। इसके अलावा एक बार में एक जगह से दूसरी जगह सोना भेजने की जगह थोड़ी-थोड़ी दूर पर कैरियर और गाड़ी बदलकर ठिकाने पर पहुंचा रहे हैं।

सोना ( सांकेतिक) - फोटो : istock
म्यांमार-कोलकाता में पकड़ी खेप में खुला था धंधेबाज का खेल
सूत्रों ने बताया कि म्यांमार और कोलकाता में पिछले दिनों अवैध सोने की बड़ी खेप पकड़ी गई थी। इसमें हिंदी बाजार के एक धंधेबाज का नाम सामने आया था। इसी के बाद से टीमों ने अपने मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर दिया था। कोलकाता से बिहार के रास्ते सोना खपाने की सूचना मिली। यह अवैध सोना बिहार, गोरखपुर होते हुए लखनऊ जा रहा था। इसी सूचना के आधार पर कोलकाता से दो सदस्यीय टीम गोरखपुर पहुंची। फिर लखनऊ की टीम हाईवे पर सक्रिय हो गई।

मंगलवार दोपहर ढाई बजे अयोध्या के पास संदिग्ध कार दिखने की सूचना पर टीम ने उसे रोका। उधर, गोरखपुर और कोलकाता की टीम ने हिंदी बाजार के धंधेबाज के घर दबिश दे दी। कार में बैठे कैरियर को हिरासत में लिया गया तो पूछताछ में उसका हिंदी बाजार के इसी धंधेबाज से कनेक्शन मिला।

सोना (सांकेतिक) - फोटो : istock
इसकी तफ्तीश स्थानीय टीम ने घर जाकर की। इस दौरान दुकान के अंदर खरीद-बिक्री के दस्तावेजों को भी खंगाला गया। कच्ची पर्ची पर खरीद और आभूषणों की पर्ची भी देखी। इस दौरान संदिग्ध प्रपत्र और खरीद-बिक्री का रिकॉर्ड भी मिला।

परिवार अलग- अलग, लेकिन एक ही फर्म में सभी साथ
जांच एजेंसी के सूत्रों की मानें तो पूछताछ में धंधेबाजों की तरफ से परिवार को अलग-अलग बताया गया। लेकिन, एजेंसी के पास मौजूद तथ्यों के आधार पर एक ही फर्म में परिवार के अन्य सभी युवक अलग-अलग साझेदार मिले। टीम इस बिंदु को भी खंगाल रही है।

जीएसटी (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : Istock
जीएसटी बिलिंग की भी गड़बड़ी सामने आई
सूत्रों ने बताया कि धंधेबाजों ने बरामद आभूषण को लेकर पहले खुद को बचाने की कोशिश की। लेकिन, बिना हॉलमार्क और 50 हजार रुपये से अधिक के सामान का बिना ई-वे बिल बनवाने पर इसका परिवहन करना संदिग्ध लगा। जांच में पता चला कि सोने-चांदी के आभूषणों में धंधेबाजों ने जीएसटी की भी चोरी की है। सूत्रों ने बताया कि आने वाले दिनों में जीएसटी भी कर चोरी के मामले को लेकर बाजार में बड़ी कार्रवाई कर सकती है।
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पिछले दिनों डीआरआई की तरफ से 1200 ग्राम सोना जब्त किया गया था - फोटो : एएनआई
पहले की रेकी फिर कार्रवाई
सूत्रों की मानें तो कोलकाता से सोना आगे बढ़ते ही वहां की टीम और स्थानीय टीम को इसकी जानकारी हो गई थी। लेकिन, अलग-अलग जगह गाड़ी और कैरियर बदलने से ट्रेस नहीं हो पा रहे थे। सूचना मिली कि ये अवैध सोना गोरखपुर होकर आगे जाएगा। ऐसे में डीआरआई की टीम 17 अगस्त से ही बाजार में रेकी कर रही थी। हिंदी बाजार के नक्की रोड पर कानपुर के पंजीकरण वाली गाड़ी से टीम पहुंची और गाड़ी खड़ी कर घंटों बाजार में घूमकर जानकारी जुटाई।
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