वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डाॅ. गौरव ग्रोवर ने कैंपियरगंज थाने में तैनात उपनिरीक्षक विकास मिश्रा को निलंबित कर दिया। आरोप है कि दारोगा ने केस दर्ज करने के बदले एक महिला से रुपये की मांग की थी। शिकायत मिलने पर एसएसपी ने एएसपी आलोक भाटी से पूरे मामले की जांच कराई।
रिपोर्ट मिलने के बाद बुधवार को एसएसपी ने कर्तव्यों के प्रति घोर लापरवाही, स्वेच्छाचारिता और अनुशासनहीनता बरतने के आरोप में कार्रवाई करते हुए विभागीय जांच के निर्देश दिये हैं।
कैंपियरगंज थाना क्षेत्र के भौराबारी की रहने वाली सुनीता ने थाने पहुंचकर एक युवक के विरुद्ध तहरीर दी थी। बताया था कि एम्स में नौकरी लगाने के बदले युवक ने उससे तीन लाख रुपये ले लिये। नौकरी नहीं मिलने पर जब उससे रुपये वापस मांगे तो वह टालमटोल करने लगा।
इस मामले की विवेचना दारोगा विकास मिश्रा को दी गई। जांच करते हुए दारोगा ने पीड़िता और आरोपित दोनों को थाने बुलाकर पूछताछ की। आरोपित पक्ष ने बताया कि उसके द्वारा कोई रुपये नहीं लिए गये हैं। जबकि उसने ही महिला को 25 हजार रुपये दिये हैं। एसएसपी ने बताया कि जांच रिपोर्ट में महिला के आरोपों की पुष्टि के बाद दारोगा को निलंबित कर दिया गया है।
बड़हलगंज में दारोगा पर पिटाई का आरोप
बड़हलगंज के रवि सोनकर ने थाने के एक दारोगा पर पिटाई का आरोप लगाया है। मंगलवार को एसएसपी कार्यालय पहुंचकर रवि ने बताया कि आठ जून को अपने दोस्त के साथ कहासुनी के विवाद में बड़हलगंज थाने में गया था।
जहां एक दारोगा दोनों पक्षों से बातचीत करने के बाद सुलहनामा लिखवा रहे थे। इसी बीच थाने में पहुंचे दूसरे दारोगा ने सुलहनामा करने से रोक दिया। रवि ने आरोप लगाया कि मुझे अंदर ले गये और मां-बहन की गाली देते हुए थप्पड़ मारने लगे। पीड़ित की शिकायत के बाद एसएसपी ने जांच के निर्देश दिये हैं।