चिलुआताल की लहरों पर फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट लगाने की कार्ययोजना जल्द ही मूर्त रूप लेने वाली है। प्रदेश का तीसरा फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट चिलुआताल में स्थापित किया जाएगा। इसकी मंजूरी सोमवार को कैबिनेट की बैठक में मिल गई। इस पावर प्लांट की क्षमता 20 मेगावाट होगी।
इससे पहले राज्य में दो फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट स्थापित हो चुके हैं एक औरैया में एनटीपीसी द्वारा 20 मेगावाट का और दूसरा खुर्जा में टीएचडीसी द्वारा 11 मेगावाट का। गोरखपुर के इस फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट को कोल इंडिया लिमिटेड द्वारा स्थापित किया जाएगा।
सार्वजनिक क्षेत्र के इस बड़े उपक्रम के माध्यम से 20 मेगावाट क्षमता के प्लांट को स्थापित करने में लगभग 140 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इस परियोजना से प्रतिवर्ष 33.29 मिलियन यूनिट हरित ऊर्जा का उत्पादन होगा।
ग्रिड में फीड की जाएगी हरित ऊर्जा
चिलुआताल में स्थापित होने वाले इस फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट से प्रतिवर्ष न्यूनतम 33.29 मिलियन यूनिट हरित ऊर्जा का उत्पादन होगा, जिसे ग्रिड में फीड किया जाएगा। इससे गोरखपुर की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिलेगी। यह परियोजना न केवल रोजगार के अवसर सृजित करेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा देगी।