गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) का वाद अनुभाग अवैध निर्माण पर लगाम लगाने के लिए सख्त कदम उठाएगा। नोटिस भेजने, सीलबंदी व ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गति भी तेज होगी। प्राधिकरण ने चार जोन में हर माह 80 अवैध निर्माण पर सीलबंद एवं ध्वस्तीकरण की कार्रवाई का लक्ष्य दिया है।
जीडीए उपाध्यक्ष आनंद वर्द्धन ने प्राधिकरण के सभी जोन में हर माह कम से कम 20 अनियमित निर्माण को सील करने का लक्ष्य तय किया है। इसकी प्राप्ति के लिए प्रभारी मुख्य अभियंता किशन सिंह एवं अधिशासी अभियंता नरेंद्र कुमार (वाद व प्रवर्तन) को जिम्मेदारी सौंपी है।
जीडीए के वाद अनुभाग की समीक्षा में अनुभाग के क्रिया कलाप पर प्राधिकरण उपाध्यक्ष ने असंतोष व्यक्त किया था। अनुभाग द्वारा नोटिस भेजने, सीलबंद की कार्रवाई एवं ध्वस्तीकरण की कार्रवाई में लापरवाही मिली थी।
सीलबंद निर्माण कार्यों की मांगी सूची
प्राधिकरण उपाध्यक्ष ने संबंधित अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता एवं अवर अभियंताओं से पूर्व से अब तक सीलबंद किए गए निर्माण की सूची तलब की है। सूची में दर्ज विवरण में से विनियमित क्षेत्र का विवरण अलग किया जाएगा। तालिका बना कर शमन के सापेक्ष वास्तविक डिमांड एवं वास्तविक जमा को अलग-अलग दर्ज किया जाएगा।
ताकि बकाया की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। शासन के भवन उपविधि संहिता नियमावली में दर्शित नियमों के अधीन अनुमन्य शमन के अनुसार मानचित्रों के शमन के निर्देश भी मिले हैं। सर्वाधिक जोर मानकों पर ध्यान रखने पर है।
मानचित्रों का बकाया जमा कराने पर जोर
इसके अतिरिक्त विभिन्न मानचित्र शिविर में स्वीकृत मानचित्रों के संबंध में जारी किए गए डिमांड नोटिस के अनुसार बकाएदारों को बुला कर उनसे वार्ता कर बकाया धनराशि जमा कराने के लिए अभियान चलाया जाएगा। अन्यथा की स्थिति में प्राधिकरण स्वीकृत किए गए मानचित्र को निरस्त करेगा।
जीडीए उपाध्यक्ष, आनंद वर्द्धन ने बताया कि जीडीए के वाद एवं शमन अनुभाग के क्रिया कलाप की प्रगति जानकर उसे गति प्रदान करने का निर्देश दिया गया है। जोनवार अवैध निर्माण पर रोक लगाने के लिए सीलबंदी एवं ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया तेज करने को कहा गया है। इसमें हर माह एक जोन में 20 अनियमित निर्माण को नोटिस, सीलबंद एवं ध्वस्तीकरण की कार्रवाई का निर्देश दिया गया है।