गोरखपुर विश्वविद्यालय में छह माह से बनकर तैयार जिम उद्घाटन के अभाव में नहीं हो पा रहा चालू
नैक मूल्यांकन के समय क्रीड़ा परिषद भवन में की गई थी आधुनिक जिम की स्थापना
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्व विद्यालय के क्रीड़ा परिषद भवन में करीब एक करोड़ रुपये खर्च कर बना जिम छह माह बाद भी शो पीस बना हुआ है। जिम का उपकरण जिस सभागार में रखा हुआ है, वहां खिलाड़ी पहुंच रहे हैं लेकिन खिड़की से ही उपकरण देखकर संतोष करना पड़ रहा है। वहीं गोविवि प्रशासन उद्घाटन के बाद जिम खोलने की बात कह रहा है।
गोविवि में नैक मूल्यांकन के समय क्रीड़ा परिषद भवन में आधुनिक जिम की स्थापना की गई। जिसमें कई कीमती उपकरण खरीद कर लाया गया। नैक मूल्यांकन में गोविवि को ए प्लस-प्लस ग्रेड तो मिल गया लेकिन छह माह बाद भी जिम छात्रों के लिए नहीं खुल सका। विवि प्रशासन ने उपकरण खरीदने में ही करीब 95 लाख रुपये खर्च किया है। जिम चालू नहीं होने से खिलाड़ियों का अभ्यास भी प्रभावित हो रहा है। उधर, विवि प्रशासन जिम खोलने के लिए उद्घाटन का इंतजार कर रहा है।
खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में खराब रहा प्रदर्शन
हाल ही में हुए खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में गोविवि का प्रदर्शन काफी खराब रहा। गोविवि को इस प्रतियोगिता में केवल एक मेडल मिला, वो भी खिलाड़ी विवि के संबंद्ध महाविद्यालय का था। इतने खराब प्रदर्शन की वजह विवि प्रशासन खुद है। खिलाड़ियों की मानें तो कई खेल के ट्रायल ही नहीं हुए। जिनके हुए, उनमें से भी कई टीमें विवि प्रशासन की ओर से फंड नहीं मिलने की वह प्रतिभाग नहीं कर पाईं।
मोटी रकम देकर बाहर जिम कर रहे छात्र व खिलाड़ी
विवि में प्रवेश लेते समय छात्र से खेल की भी फीस ली जाती है। ट्रायल होने के बाद खिलाड़ी को कैंप लगाकर ट्रेनिंग दी जाती है। विवि ही उनकी डाइट का खास ख्याल रखता था लेकिन पिछले कुछ सालों से यह बंद हो गया है। जिम के नहीं खुलने से खिलाड़ी बाजार में मोटी रकम देकर अभ्यास करने को मजबूर हैं।
कोट
उद़घाटन नहीं होने की वजह से जिम अभी चालू नहीं हो सका है। जल्द ही उद्घाटन कर उसे चालू करने की तैयारी है। नए सत्र से पहले जिम आम छात्रों के लिए खोल दिया जाएगा। : प्रो. विनय सिंह, उपाध्यक्ष, क्रीड़ा परिषद गोविवि