यूपी कैबिनेट ने मंगलवार को गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस वे के पुनरीक्षित बजट का अनुमोदन कर दिया। महंगाई और जीएसटी सहित अन्य कारणों से एक्सप्रेस वे का खर्च करीब 1600 करोड़ रुपये बढ़ गया था। पुनरीक्षित बजट की मंजूरी कैबिनेट से लेनी जरूरी थी। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस वे के लिए करीब 5668 करोड़ रुपये का प्रावधान था लेकिन ये बढ़कर करीब 7283 करोड़ रुपये हो गया। पुनरीक्षित बजट भी स्वीकृत होने से काम में अब और तेजी आएगी। इस एक्सप्रेस-वे के शुरू होने से गोरखपुर क्षेत्र, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के माध्यम से लखनऊ, आगरा एवं दिल्ली तक जुड़ जाएगा।
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे पर आवागमन महीने भर में शुरू हो जाने की उम्मीद है। मुख्य सड़क लगभग बन चुकी है। गोरखपुर की तरफ से एप्रोच मार्ग का काम बाकी है। इसके अलावा जहां-जहां इंटरचेंज होना है, वहां थोड़ा काम अवशेष है। इसके अलावा सर्विस लेन को तीन महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यह एक्सप्रेसवे गोरखपुर बाईपास एनएच- 27 ग्राम जैतपुर से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर जनपद आजमगढ़ के सालारपुर में समाप्त हो रहा है। करीब 91 किमी लंबे इस एक्सप्रेसवे से गोरखपुर के अलावा संतकबीरनगर, अंबेडकरनगर और आजमगढ़ जिले सीधे जुड़े हैं। यूपी एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी के अफसरों के अनुसार लिंक एक्सप्रेसवे का 97 फीसदी निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। मेन कैरिज-वे में क्लियरिंग एंड ग्रबिंग का काम 100 फीसदी, मिट्टी का काम 100 फीसदी पूरा कराया गया है। एक्सप्रेस-वे पर कुल प्रस्तावित 341 संरचनाओं में से 337 बन चुके हैं।
महज साढ़े तीन घंटे में पहुंचेंगे लखनऊ
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे से लखनऊ पहुंचने में महज साढ़े तीन घंटे का समय लगेगा। इसके अलावा आगरा और दिल्ली का सफर भी आसान हो जाएगा। इसके चालू होने पर गोरखपुर-अयोध्या-लखनऊ हाइवे पर भी वाहनों का दबाव कम होगा। इस एक्सप्रेसवे के किनारे स्थित विभिन्न उत्पादन इकाइयों, विकास केंद्रों तथा कृषि उत्पादन क्षेत्रों को राष्ट्रीय राजधानी से जोड़ने के लिए एक इंडस्ट्रियल कॉरिडोर भी विकसित हो रहा है।
गोरखपुर लिंक एक्स्प्रेस-वे का काम लगभग पूरा हो चुका है। एप्रोच भी जल्द बनकर तैयार हो जाएगा। कोशिश है कि इसे महीने भर में आवागमन के लिए खोल दिया जाए। सर्विस लेन भी बनना है इसके लिए तीन महीने का लक्ष्य दिया गया है।
-कृष्णा करुणेश,
डीएम