क्षेत्र के भपसी गांव निवासी राजेंद्र के मुताबिक जब बेटी की लाश नदी से निकाली गई तो उसके हाथ-पैर बंधे हुए थे। तभी मुझे शक हो गया था कि किसी ने बेटी को मार दिया है। किसने मारा और क्यों मारा? इसकी चिंता उसे खाए जा रही थी। पांच अगस्त की शाम को जब एक साथ बैठकर वे घटनाक्रम के बारे में जब चर्चा कर रहे थे कि इसी बीच धर्मेंद्र फफककर रो पड़ा और बोला कि उससे बहुत बड़ी गलती हो गई।
यह सुनकर हम लोग चौंक गए कि इसको क्या हो गया। फिर रोते हुए वह बोला कि हर दिन मांती हमारी जेब से 100-200 रुपये चोरी कर लेती थी, जिसके लिए कई बार उसे समझाया भी था। एक साथ पांच हजार रुपये चुरा लिए और पूछने पर मना करते हुए भड़क गई। इस बात पर उसे गुस्सा आ गया। गुस्से में मैं कुछ समझ नहीं पा रहा था। इसी बीच वह गांव के पास से गुजरने वाली नदी में पास गई थी। जहां अकेले देखकर उसे पकड़ लिया।
इसके बाद हाथ पैर बांधकर नदी में फेंक दिया और घर चला आया। बेटे के मुंह से यह सब सुनकर परिजनों का आक्रोश बढ़ गया। इसके बाद परिजनों को कुछ समझ में नहीं आ रहा था और फिर सोचा कि इसका जेल ही जाना ठीक है। इसके बाद तहरीर देकर केस दर्ज करवाया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। पिता ने कहा कि हमने सपने में भी नहीं सोचा था कि ऐसा होगा। वहीं, मां और परिवार के अन्य लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। बेटी मर गई और नालायक साबित हुए बेटे को जेल जाना पड़ा।