गोरखपुर के बेलघाट क्षेत्र में एक भाई ने अपनी दो बहनों की हत्या कर शव गायब करने का केस थाने में दर्ज कराया था। कोर्ट के आदेश पर गांव के ही एक युवक और उसके परिवार पर हत्या का केस लिखा गया। इस मामले में एक साल बाद दोनों बहनें जिंदा मिली हैं।
यही नहीं, घर से कुंवारी निकली दोनों बहनों ने अपने-अपने प्रेमियों से शादी भी रचा ली है और उनके एक-एक बच्चे भी हैं। पुलिस की पड़ताल से हुए इस खुलासे से हत्या में आरोपी बना परिवार भी अब राहत की सांस ले पा रहा है।
बेलघाट त्रिलोकपुर निवासी अजय प्रजापति पुत्र श्यामसुंदर परिवार के साथ रोजगार के सिलसिले में प्रेमनगर नई दिल्ली में रहता था।
अजय ने तहरीर में लिखा था कि तीन जनवरी 2023 को उसकी दो बहनें सीता और गीता पुत्री श्यामसुंदर गायब हो गईं। दोनों की गुमशुदगी दिल्ली में दर्ज कराई गई। इसी बीच पता चला कि गांव का जयनाथ मौर्या पुत्र सुरेश मौर्या का प्रेम संबंध बहनों से है। यह जानकर अजय गांव में स्थित अजय के घर पहुंचा।
अजय का आरोप था कि जयनाथ और उसके परिवार वालों ने मुझे धमकी देते हुए कहा कि जो हाल तुम्हारी बहनों का हुआ है, वही हाल तुम्हारा भी होगा।
कोर्ट से दर्ज हुआ केस
अजय प्रजापति जनवरी 2023 से ही जयनाथ पर केस दर्ज कराने के लिए दौड़ रहा था, लेकिन साक्ष्य के अभाव में पुलिस एफआईआर नहीं दर्ज कर रही थी। फिर जयनाथ ने कोर्ट से आदेश कराया तब, बेलघाट थाने में आठ जनवरी 2024 को केस दर्ज किया गया।
पुलिस की पड़ताल में खुला राज
केस दर्ज करने के बाद पुलिस पड़ताल की तो चार माह बाद पता चला कि दोनों युवतियां जीवित हैं। पुलिस ने दोनों युवतियों से मोबाइल से बात की। तब दोनों युवतियों ने बताया उनका प्रेम संबंध उत्तराखंड और हरियाणा के युवकों से हो गया था। इसलिए दोनों ने घर से भागकर उनसे शादी रचा ली थी। पुलिस के बुलाने पर दोनों युवतियां बच्चों के साथ सोमवार को बेलघाट थाने पहुंची।
सीता और गीता ने दिया बयान
सीता (20) पुत्री श्यामसुंदर ने बताया कि हरियाणा के भैइनी ठाकरान थाना भवानी खेड़ा निवासी विजेन्दर से शादी कर वह उसके साथ रह रही हूं। मेरी 5 महीने की एक बेटी है। मैं यहां खुशी-खुशी रह रही हूं। इसी तरह गीता (21) पुत्री श्यामसुंदर ने बताया कि उत्तराखंड जिला अल्मोड़ा ग्राम द्रमोली निवासी सुरेश राम से मेरी दोस्ती थी, घर से भागकर उससे शादी की।
तभी से उनके साथ रह रही हूं। मेरी एक 6 माह की बेटी है। सीता और गीता ने बताया कि उन्हें जब पता चला कि उनके भाई ने बहनों की हत्या करके लाश गायब कर देने का केस लिखवाया है। तब दोनों बहने थाना बेलघाट गोरखपुर आकर जीवित होने की सूचना दिए हैं। ताकि कोई निर्दोष न फंसे।