पुलिस की पूछताछ में पता चला कि चरगांवा के प्राइवेट अस्पताल की है एक एंबुलेंस
मरीज को लेने आई थी दोनों एंबुलेंस, पुलिस ने सीज किया
अमर उजाला ब्यूरो
गुलरिहा (गोरखपुर)। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में मरीज-एंबुलेंस माफिया की करतूतें कम होने में नहीं आ रही हैं। मरीज को चोरी से प्राइवेट नर्सिंग होम में शिफ्ट करने का मामला शुक्रवार को फिर सामने आया। पुलिस ने ट्रॉमा सेंटर के बाहर से दो प्राइवेट एंबुलेंस को पकड़कर सीज कर दिया।
जानकारी के मुताबिक, बीआरडी के कर्मचारी ने एक तीमारदार को बरगलाकर मरीज को नर्सिंग होम ले जाने के लिए तैयार कर लिया था, लेकिन तभी इसकी भनक पुलिस को लग गई। भोर में करीब तीन बजे पुलिस पहुंची और 100 बेड के सामने दो प्राइवेट एंबुलेंस को कब्जे में ले लिया।
बताया गया कि इनमें एक एंबुलेंस चरगांवा के नर्सिंग होम की थी, जबकि दूसरे के बारे में चालक जानकारी नहीं दे पाया। दोनों चालकों को 50- 50 हजार के निजी मुचलके पर छोड़ा गया।
जानकारी के मुताबिक, मरीज-एंबुलेंस माफिया पर पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। कुछ दिन पहले तीन एंबुलेंस सहित पांच वाहनों को पुलिस ने सीज किया था। शुक्रवार भोर में करीब तीन बजे मेडिकल कॉलेज चौकी प्रभारी विवेक मिश्रा को सूचना मिली कि एक प्राइवेट एंबुलेंस मेडिकल कॉलेज में है, मरीज की सौदेबाजी चल रही है। बिहार के मरीज को बेहतर इलाज का झांसा देकर प्राइवेट नर्सिंग होम में शिफ्ट किया जाना है।
सूचना पर पुलिस टीम पहुंची और दोनों एंबुलेंस को कब्जे में ले ली। एक चालक की पहचान गुलरिहा के मोगलहा निवासी अभिषेक और दूसरे की चिलुआताल के जगतबेला निवासी शफीउल्लाह के रूप में हुई है। चौकी इंचार्ज विवेक मिश्रा ने बताया कि दोनों एंबुलेंस को सीज कर दिया गया है।