मजदूर ने बताया कि बरसात के कारण तीन दिन से काम नहीं मिल रहा था और खाने तक के पैसे नहीं थे, इसलिए ब्लड देने को तैयार हो गया। आरोपी बिना नंबर की नीले रंग की बाइक पर बैठाकर मोगलहा लेकर आया और महराजगंज जिले के फरेंदा स्थित कम्हरिया खुर्द निवासी अपने गैंग के सरगना केशवदेव के हवाले कर दिया।
उसी दिन शाम छह बजे केशवदेव मजदूर को लेकर मेडिकल काॅलेज आया तो ब्लड बैंक का कर्मचारी पहले से ही तैयार बैठा था और तुरंत ब्लड निकालकर पिपराइच थाना क्षेत्र के रुदलापुर निवासी मरीज मोहन को दे दिया। इसके बाद सरगना केशवदेव मरीज के घरवालों से 18 हजार रुपये लेकर मजदूर को मोगलहा वापस ले गया और वसील खान को पैसे दे दिए।
वसील ने मजदूर को बाइक पर बैठाकर रेल बिहार कॉलोनी की एक गली में ले गया और 1100 रुपये दिए। और रुपये मांगने पर मजदूर को दो थप्पड़ जड़कर भगा दिया था। बाद में पुलिस ने केस दर्ज कर गिरोह का पर्दाफाश कर करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। बताया जाता है कि गिरोह के सदस्यों ने इसी तरह कई मजदूरों से उनका खून निकलवा कर बेचा है।