झांसी/ गोरखपुर। कोचूवेली से गोरखपुर आ रही राप्तीसागर एक्सप्रेस के एसी कोच की दोनों स्प्रिंग टूट जाने के मामले में शुक्रवार को जांच शुरू हो गई। पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल के अधिकारियों की टीम कोच की जांच के लिए झांसी पहुंची। टीम ने कोच में लगाए गए डब्ल्यूएसपी (व्हील स्लाइड प्रोटेक्शन) डिवाइस (हवाई जहाज के ब्लैक बॉक्स की तरह काम करने वाली तकनीक) से ट्रेन की पूरी यात्रा से जुड़ा डाटा एकत्र किया। वहीं, शनिवार को पूरे कोच की स्कैनिंग भी कराई जाएगी।
पूर्वाेत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल के गोरखपुर जंक्शन से चलने वाली ट्रेन राप्तीसागर एक्सप्रेस के सेकेंड एसी कोच ए-2 की एक स्प्रिंग भोपाल में तो दूसरा ललितपुर आते-आते टूट गई। कोच की जांच के लिए शुक्रवार को लखनऊ मंडल से तीन सदस्यीय टीम झांसी पहुंची। एक अधिकारी और दो तकनीकी स्टाफ ने झांसी स्टेशन की मानिकपुर यार्ड की सिक लाइन पर खड़े कोच की जांच की और कोच में लगे डब्ल्यूएसपी डिवाइस से ट्रेन चलने के दौरान फीड हुआ डाटा निकाला। शुक्रवार को राप्तीसागर के एसी कोच की जांच के बाद टीम अब कोच को मैन सिक लाइन पर लाकर उसे अल्ट्रावॉयलेट तरंगों पर चलने वाली मशीन से स्कैन करेगी। जिससे कोच को हुए नुकसान का आंकलन किया जाएगा।
ऐसे काम करती है डब्ल्यूएसपी डिवाइस
जिस प्रकार हवाई जहाज में लगा ब्लैक बॉक्स उड़ान के दौरान विमान में आई खराबी और दुर्घटना की पूरी जानकारी जुटाता है। इसी तरह ट्रेनों के एलएचबी कोच में लगाई गई डब्ल्यूएसपी डिवाइस काम करती है। जब ट्रेन चलती है तो पहिए और बोगी की हर एक गतिविधि डब्ल्यूएसपी डिवाइस में रिकॉर्ड होती रहती है। यह डिवाइस जिस भी मंडल से कनेक्ट होती है, वहां के कैरिज एंड वैगन मरम्मत विभाग में लगे आधुनिक कम्प्यूटर पर हर मिनट संकेत भेजती रहती है।
गोरखपुर से तीन सदस्यीय जांच दल झांसी पहुंचा है। चूंकि, ट्रेन गोरखपुर से ही संचालित होती है तो ऐसे में वही इसकी तकनीकी जांच करेंगे। हमसे जो भी सहयोग मांगा जाएगा, उसमें पूरी मदद करेंगे।
- मनोज कुमार सिंह, मंडल रेल जनसंपर्क अधिकारी, झांसी