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Gorakhpur News: अपने ही गढ़ में घरों से वोटरों को नहीं निकाल पाई भाजपा

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तीन से चार बार भाजपा के कब्जे में रहने वाले वार्ड में मतदान का ग्राफ रहा नीचे
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अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। नगर निगम चुनाव में मतदाताओं को घर से निकालने के लिए डोर-टू-डोर संपर्क अभियान का खास फायदा नहीं दिखा। जिन इलाकों को भाजपा का गढ़ माना जाता है और जहां पिछले तीन से चार बार कमल ही खिला है, वहां कार्यकर्ता वोटरों को घर से नहीं निकाल पाए। मतदान का कम ग्राफ देखकर करीब 10 वार्ड से चुनाव लड़ रहे पार्षद प्रत्याशियों की चिंता बढ़ गई है।
शहर में बेतियाहाता को भाजपा का गढ़ माना जाता है। यहां चार बार लगातार भाजपा के ही पार्षद चुने गए हैं। पिछली बार बहुत ही कम वोट से भाजपा के विष्णुकांत शुक्ला को सपा के विश्वजीत त्रिपाठी ने हराकर सीट पर कब्जा कर लिया। यह वही इलाका है जब हिमाचल के राज्यपाल व पूर्व मंत्री शिवप्रताप शुक्ला पूरे शहर से हार गए थे लेकिन बेतियाहाता से उन्हें बढ़त मिली थी। इस बार महज 28.62 फीसदी वोट पड़े हैं, जबकि पिछले साल भी 29 फीसदी वोट पड़े थे। इसी प्रकार सिविल लाइंस-दो, वार्ड 72 में देवेंद्र गौड़ पिछले चार बार से भाजपा से जीतकर सदन पहुंचे हैं। लेकिन यहां भी इस बार 18.3 फीसदी ही वोट पड़े हैं। इसी तरह वार्ड 52, विजय चौक में 25 फीसदी वोट पड़े हैं। यहां लगातार चार बार से भाजपा का कब्जा है। वार्ड नंबर 47, ज्योतिबा बाई फुले वार्ड में भी चार बार से कमल ही खिला है। लेकिन, यहां भी पार्टी के जिम्मेदार वोट का ग्राफ बढ़ा नहीं पाए। 30.67 फीसदी मतदान हो पाया।
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सीएम की सभा और मंगलेश के गढ़ की ताकत के बाद नहीं जागे मतदाता
वार्ड नंबर 80, राप्तीनगर भाजपा मेयर प्रत्याशी डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव का गढ़ है। वे इसी वार्ड में रहते हैं। इस वार्ड से ही भाजपा की पार्षद प्रत्याशी पूनम सिंह निर्विरोध चुन ली गई थीं। उनके पति बृजेश सिंह छोटू चार बार से पार्षद रहे चुके हैं। इसी वार्ड में मुख्यमंत्री की सभा भी हुई थी, लेकिन सारे प्रयास के बाद भी मतदाता नहीं जागे। महज 12 फीसदी ही मतदान हुआ। सभी 80 वार्ड में सबसे कम मतदान इसी वार्ड से हुआ है। इसकी चर्चा मतदान का रुझान आने के बाद शुरू हो गया। भाजपा के खेमे में भी इसे लेकर पदाधिकारी चिंतित हैं। वहीं, यह भी कहा जा रहा है कि पार्षद का कोई प्रत्याशी नहीं होने के कारण लोगों ने मतदान करने में रुचि ही नहीं दिखाई।
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घर-घर जाकर मैंने लोगों से मतदान करने की अपील की थी। वोटर पर्ची भी पहुंचाया गया। प्रयास में कोई कमी नहीं रही। वोटर लिस्ट में भी भारी गड़बड़ी थी। पार्षद का कोई प्रत्याशी भी नहीं था। लोगों से बहुत अनुरोध किया गया। लेकिन, मतदान में लोगों ने रुचि नहीं दिखाई।
- बृजेश सिंह छोटू, पूर्व पार्षद राप्तीनगर


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ये हैं भाजपा के मुख्य गढ़ वाले वार्ड
वार्ड प्रतिशत
15 26.38
26 28.62
44 34.44
47 30.79
52 25.1
72 18.3
79 32.27
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