भारतीय जनता पार्टी ने गोरखपुर लोकसभा की सीट पर दूसरी बार अभिनेता सांसद रवि किशन पर भरोसा जताया है। पहली बार 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने अपने प्रतिद्वंदी सपा के रामभुआल निषाद को 3,01,664 वोटों के भारी अंतर से हराया था। गोरखपुर लोकसभा की सीट सीएम योगी की परंपरागत सीट है।
दूसरी बार प्रत्याशी बनाए जाने पर रवि किशन और उनके समर्थक खासा जोस में हैं। वहीं, इस बार इंडिया गठबंधन की तरफ से सपा ने काजल निषाद के प्रत्याशी के तौर पर उतारा है। इस चुनाव के पहले विधानसभा और गोरखपुर मेयर का चुनाव भी काजल सपा पार्टी से लड़ चुकी है।
दरअसल, 29 वर्ष के लंबे अंतराल पर पहली बार किसी दूसरी पार्टी ने गोरखपुर लोकसभा सीट पर अपना कब्जा जमाया था। ये चुनाव था, 2017 का लोकसभा उप चुनाव। इसी वर्ष योगी आदित्यनाथ सूबे के मुख्यमंत्री बने थे और उनके मुख्यमंत्री के बनने के बाद लोकसभा सीट पर उपचुनाव हुआ था।
इस सीट पर सातवें और अंतिम चरण में वोट डाले जाएंगे। सभी सीटों के नतीजे चार जून को आएंगे। मगर इस सीट पर संभवतः पूरे देश की नजरें टिकी होंगी। इस सीट पर बीजेपी ने एक बार फिर से बॉलीवुड एक्टर रवि किशन को उम्मीदवार बनाया है।
इस सीट पर स्वतंत्र भारत में पहली बार 1951-52 में लोकसभा चुनाव हुए थे, तब गोरखपुर जिले और आसपास के जिलों को मिलाकर 4 सांसद चुने जाते थें। 1951-52 के चुनाव में गोरखपुर दक्षिण सीट पर कांग्रेस ने जीत हासिल की और यहां से सिंहासन सिंह सांसद चुने गए. यही सीट बाद में गोरखपुर लोकसभा सीट बनी।