गोरखपुर। आलू उत्पादक कृषकों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य दिलाने के लिए सरकार ने भामाशाह भाव स्थिरता कोष योजना की शुरूआत की है। सरकार का मानना है कि आलू किसान को आलू के उत्पादन में काफी नुकसान उठाना पड़ता था। उसे रोकने के लिए यह कदम उठाया है। इससे किसानों को अब नुकसान नहीं होगा। जिला उद्यान अधिकारी डाॅ. पारस नाथ ने बताया कि आलू उपज की लागत के सापेक्ष उचित मूल्य दिलाने के क्रम में भामाशाह भाव स्थिरता योजना व भंडारण प्रभार योजना लागू की गई है। इन नवीन योजनाओं के संचालन के लिए पोर्टल https://potato.uphorticulture.in/विकसित किया गया है। जनपद के समस्त शीतगृह मालिकों से कहा गया है कि सभी अपने-अपने शीतगृह के नाम से रंगीन फ्लेक्सी बैनर व बोर्ड बनवाकर चस्पा करना सुनिश्चित करें। जिससे आलू भंडारित करने वाले कृषकों को योजना का अधिक से अधिक लाभ मिल सके।