विश्व हिंदी दिवस आज : विश्व की महाशक्तियां भी भारत में व्यापार के लिए सीख रहीं हिंदी
वैश्विक स्तर पर भारत की पहचान बढ़ने के साथ ही हिंदी का प्रयोग भी बढ़ने लगा
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। हिंदी की लोकप्रियता अब विश्वभर पर है। भारत के अलावा नेपाल, पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका, मॉरीशस, फिलीपींस सहित अनेक देशों में लोग हिंदी बोल व समझ रहे हैं। भारत में व्यापार स्थापित करने के लिए विदेशी कंपनियों के प्रतिनिधि भी हिंदी सीख रहे हैं। अंग्रेजी अखबार अब हिंदी शब्दों को रोमन में लिखकर हेडिंग बना रहे हैं। इंग्लैंड के प्रधानमंत्री हों या फिर अमेरिका के राष्ट्रपति, सभी भारतीयों को नमस्ते कहकर संबोधित कर रहे हैं।
दुनिया में बोली जाने वाली पांच प्रमुख भाषाओं में से एक हिंदी भी है। इस बार विश्व हिंदी दिवस बुधवार को हिंदी पारंपरिक ज्ञान और कृत्रिम बुद्धिमना थीम के साथ मनाया जा रहा है। वैश्विक स्तर पर भारत की पहचान बढ़ने के साथ ही हिंदी का प्रयोग भी बढ़ने लगा है। साहित्यकारों का मानना है कि तेजी से बदलती दुनिया में हिंदी का विस्तार बढ़ रहा है। विश्व हिंदी दिवस पर विशेषज्ञों से बातचीत हुई।
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अगर 10 साल पहले मुझसे कोई हिंदी भाषा के भविष्य के बारे में बात करता तो जरूर कहता कि हिंदी डूब रही है, लेकिन आज की तारीख में यह कहना हिंदी के साथ ज्यादती होगी। क्योंकि हिंदी अब न सिर्फ फूलती-फलती दिखती है, बल्कि परवान चढ़ती भी दिखती है। हिंदी अब ग्लोबलाइज हो गई है। जाहिर है आगे और होगी, क्योंकि हिंदी ने अब शास्त्रीय और पंडिताऊ भाषा की कैद से छुटकारा पा लिया है। पाठ्यक्रमों वाली हिंदी के खूंटे से आज की हिंदी अपना पिंड छुड़ाकर बाजार की भाषा बन रही है।
- दयाराम पांडेय, लेखक, राप्तीनगर
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हिंदी की स्थिति निरंतर अच्छी बनती जा रही है। ईस्ट इंडिया कंपनी गिरमिटया मजदूरों के रूप में बड़ी संख्या में भारतीय मजदूरों विशेषकर पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों को विदेशों में ले गई, जो हिंदी भाषा के प्रसार के लिए लाभकारी सिद्ध हुआ। आज विश्वभर में हिंदी भाषी लोगों की संख्या है। भाषा वही संपन्न है, जिसमें अधिकतर भाषाओं का मिश्रण होता है और हिंदी इस मामले में सबसे आगे है।
- प्रो. रामदेव शुक्ल, सेवानिवृत प्रोफेसर डीडीयू
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समूचे विश्व में हिंदी के उपयोगकर्ताओं की संख्या बढ़ रही है। यदि व्यावसायिक क्षेत्र में इसका उपयोग होने लगेगा तो यह सबसे अधिक लोगों द्वारा बोली और समझे जाने वाली भाषा बन जाएगी। भारत में व्यापार के लिए हिंदी भाषा का उपयोग हो रहा है। आने वाले समय में हिंदी का प्रयोग और बढ़ेगा।
- प्रो. केसी लाल, पूर्व प्रोफेसर हिंदी विभाग डीडीयू
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हिंदी विश्व की उन भाषाओं में एक है, जिसे जानने वाले कुछ ना कुछ लोग दुनिया भर में मिल जाएंगे। ब्रिटिश काल में हिंदी की स्थिति खराब थी। आज हिंदी राजनीति की भाषा बन गई है। बड़े नेता सार्वजनिक मंचों पर हिंदी भाषा का प्रयोग करते हैं। विदेशों तक में वह हिंदी में बोलते हैं। इससे हिंदी भाषियों में हीनता का बोध मिट रहा है। हिन्दी तकनीक और व्यापार की भाषा बन रही है।
- प्रो विश्वनाथ प्रसाद तिवारी, वरिष्ठ साहित्यकार