शहर में महिलाओं के गहने चोरी करने वाले शातिर गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस की गिरफ्त में आई महिलाएं बेहद चालाक और डर पैदा करने वाले तरीके से वारदात को अंजाम देती थीं। जांच में सामने आया है कि आरोपी महिलाएं पहले पीड़िता को सेफ्टी पिन चुभाकर अचानक डर का माहौल बनाती थीं।
इसके बाद नकली सांप और छिपकली दिखाकर घबराहट पैदा करतीं और इसी अफरा-तफरी में गहने उतरवा लेतीं या चुपचाप पार कर देती थीं। यह तरीका इसलिए अपनाया जाता था ताकि बिना ज्यादा शोर-शराबे और संघर्ष के आसानी से गहने हासिल किए जा सकें।
पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी आपस में रिश्तेदार या परिचित हैं। पारिवारिक और आपसी जान-पहचान के कारण ही एक-दूसरे पर भरोसा था और उसी नेटवर्क के जरिये वारदातों की साजिश रची जाती थी। पुलिस के अनुसार, गिरोह लंबे समय से आसपास के जिलों में सक्रिय था और हाल ही में शहर में आकर वारदात करने की फिराक में था।
थाना प्रभारी रामगढ़ताल नितिन रघुनाथ श्रीवास्तव ने बताया कि नए वर्ष के मौके पर नौकायन क्षेत्र, चिड़ियाघर और बाजारों में उमड़ने वाली भारी भीड़ को निशाना बनाने की तैयारी थी। गिरोह खास तौर पर बुजुर्ग महिलाओं और समूह में चल रही महिलाओं को टारगेट करता था क्योंकि ऐसे मामलों में पहचान और शिकायत दर्ज कराना अपेक्षाकृत मुश्किल हो जाता है। समय रहते पुलिस ने पूरे गिरोह को दबोच लिया।
दूसरे जिलों में भी दर्ज हैं मामले
थाना प्रभारी ने बताया कि पूछताछ में कई अन्य चेन स्नेचिंग और चोरी की वारदातों का भी पता चला है। आरोपियों का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है और अन्य जिलों में दर्ज मामलों से उनके संबंध जोड़े जा रहे हैं। साथ ही बरामद गहनों की पहचान कराई जा रही है और यह भी जांच की जा रही है कि चोरी के जेवर किन माध्यमों से बेचे जाते थे।
ऑटो में बैठते वक्त सतर्क रहें महिलाएं
एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने शहरवासियों से अपील की है कि भीड़भाड़ वाले इलाकों में सतर्क रहें। अजनबी महिलाओं के अचानक छूने या डराने पर सावधान हों और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस को सूचना दें। विशेष रूप से बुजुर्ग महिलाओं को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। ऑटो में बैठते वक्त खास सावधानी बरतें।