मुझे मेरा हिस्सा हर हाल में चाहिए शांडिल्य
-डीआरडीए के परियोजना निदेशक का सांसद निधि में कमीशन मांगने का ऑडियो वायरल
-नाथनगर ब्लॉक के अकाउंटेंट से दस लाख रुपये कमीशन के हिसाब की हो रही बातचीत
-सीडीओ को भी कमीशन देने की बात आई सामने, डीएम ने सौंपी जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। डीआरडीए के परियोजना निदेशक (पीडी) सुरेंद्र कुमार गुप्त का सांसद निधि में 10 लाख रुपये कमीशन मांगने का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल ऑडियो तीन मिनट 12 सेकंड का है। इसमें पीडी की नाथनगर ब्लॉक के अकाउंटेंट शांडिल्य से बात हो रही है।
पीडी नाथनगर में सांसद निधि से कराए गए विकास कार्यों में लिए गए कमीशन में उनका हिस्सा न देने पर नाराजगी जता रहे हैं। इस पर अकाउंटेंट और पीडी की बहस होते सुनाई पड़ रही है। पीडी कह रहे हैं कि उन्हें उनके हिस्से का कमीशन हर हाल में चाहिए। वायरल ऑडियो में सीडीओ अतुल मिश्र के हिस्से का कमीशन देने की बात भी सामने आ रही है। कमीशनखोरी के इस सनसनीखेज ऑडियो की जानकारी होने के बाद सीडीओ ने अकाउंटेंट शांडिल्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है कि उन्होंने किससे कमीशन लिया और किस-किसको दिया? उधर, डीएम प्रेम रंजन सिंह ने वायरल ऑडियो का संज्ञान लेकर एडीएम और सीडीओ को जांच सौंपी है। इनसे 24 घंटे में रिपोर्ट मांगी गई है। इस प्रकरण में परियोजना निदेशक ने वायरल ऑडियो में खुद की आवाज होने से इन्कार किया है। अब यह जांच के बाद स्पष्ट हो सकेगा कि वायरल ऑडियो की हकीकत क्या है? अमर उजाला और संवाद न्यूज एजेंसी इस वायरल ऑडियो की पुष्टि नहीं करता है।
वायरल ऑडियो संज्ञान में आया है। एडीएम और सीडीओ को इसकी जांच सौंपी है। 24 घंटे में इसकी रिपोर्ट मांगी है। सच सामने आने के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कराई जाएंगी।
-प्रेम रंजन सिंह, डीएम
कमीशनखोरी के वायरल ऑडियो में सीडीओ का भी नाम, उन्हीं को जांच
-सीडीओ ने अकाउंटेंट को जारी किया नोटिस, दो दिन में मांगा जवाब
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। डीआरडीए के परियोजना निदेशक (पीडी) सुरेंद्र कुमार गुप्त और नाथनगर ब्लॉक के अकाउंटेंट तरुण कुमार शांडिल्य के बीच कमीशन को लेकर हुई बातचीत के वायरल ऑडियो में सीडीओ अतुल मिश्र का नाम भी सामने आया है। ऑडियो में शांडिल्य पीडी को बता रहे हैं कि सांसद निधि के कमीशन में सीडीओ और ब्लॉक की जिम्मेदारी उनके पास है। बातचीत में यह भी कहा गया कि सीडीओ के हिस्से का कमीशन एक फीसदी है। बावजूद इसके डीएम ने मामले की जांच के लिए गठित कमेटी में एडीएम के साथ सीडीओ को भी शामिल किया है। इस संबंध में डीएम का कहना है कि इसी वजह से कमेटी में एडीएम को भी शामिल किया गया है। सीडीओ का नाम नहीं होता तो पूरी जांच वही करते। उधर, कमीशनखोरी के इस सनसनीखेज ऑडियो की जानकारी होने के बाद सीडीओ अतुल मिश्र ने अकाउंटेंट शांडिल्य को नोटिस जारी कर दो दिन में जवाब मांगा है। उन्होंने एकाउंटेंट से पूछा है कि किससे कमीशन लिया और किस-किसको दिया? सीडीओ ने अकाउंटेंट के इस कृत्य के लिए विभागीय कार्रवाई प्रस्तावित किए जाने की बात कही है।
वर्जन
सांसद निधि में कमीशन मांगे जाने का वायरल आडियो मुझसे संबंधित नहीं है। इसमें मेरी आवाज नहीं है। नाथनगर के उस लेखाकार को मैं जानता और पहचानता तक नहीं हूं। मेरी बाईपास सर्जरी हुई है। अवकाश हूं। डॉक्टर ने अधिक बातचीत करने से मना किया है।
-सुरेंद्र कुमार गुप्त, परियोजना निदेशक डीआरडीए
कोट
वायरल ऑडियो को सुना है। उसमें मेरा भी नाम है। अकाउंटेंट को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है। पीडी 17 दिसंबर तक अवकाश पर हैं। उन्होंने बाईपास सर्जरी कराई है। जब पीडी ड्यूटी पर लौटेंगे, तब उनसे इस प्रकरण में बातचीत की जाएगी।
-अतुल मिश्र, सीडीओ
सोशल मीडिया पर वायरल ऑडियो का अंश
पीडी - शांडिल्य, सांसद निधि का जो पैसा गया था नाथनगर में, हम लोगों वाला हिसाब कहां गया?
शांडिल्य - वह तो जिले वाले जिले से ही ले लेते हैं साहब।
पीडी- जिले वाले कौन ले लेते हैं?
शांडिल्य- जो अकाउंटेंट पहले थे।
पीडी- पहले अकाउंटेंट कौन थे।
शांडिल्य - साहब पहले शिव नारायण/ राजीव राय या प्रवीण यादव थे।
पीडी - अकाउंटेंट प्रवीण यादव ले लिए थे। प्रवीण को बुलाओ, प्रवीण यादव ले लिए कि खाली सीडीओ साहब का हिस्सा काट कर दिए हैं।
शांडिल्य- हां, साहब, केवल सीडीओ साहब का एक परसेंट काट कर दिए हैं।
पीडी - और हम लोग कहां चले गए?
शांडिल्य- सर, हम से क्या मतलब, अगर आप का रहता तो पहले हो नहीं जाता, आज आप कह रहे हैं तो आगे से होगा।
पीडी - जो पैसा हम पहले देंगे, वह क्या हम ठेकेदार से मांगेंगे, हम ब्लॉक से मांगेंगे ना।
शांडिल्य - आज तक ऐसा नहीं था। पहली बार ऐसी स्थिति आ रही है सर।
पीडी - पहली बार ऐसी स्थिति क्यों आ रही भाई ?
शांडिल्य - हम क्या बताएं सर? जिले की व्यवस्था थी, सर चार साल से।
पीडी- तो क्या प्रवीण ले लिए हैं ?
शांडिल्य- जी, जी वही बता रहे थे।
पीडी- कितना गया, 10 लाख।
शांडिल्य- हां
पीडी - ऐसा है, मेरा हिस्सा दे दो, मुझे चाहिए ही चाहिए शांडिल्य।
शांडिल्य - ठीक है साहब आज आप बता दिए हैं तो बता दूंगा।
पीडी - बताना नहीं है, मुझे चाहिए ही चाहिए, बताने की बात छोड़ दो, समझ गए ना।
शांडिल्य - ठीक है।
पीडी -सीडीओ साहब को कैसे तुम काटकर दे दिए हो? मेरा हिसाब मुझे चाहिए, यह समझ लो।
शांडिल्य - साहब! यह व्यवस्था पहले से चली आ रही थी।
पीडी - यह किसने किया ?
शांडिल्य - हमने नहीं किया सर। इसमें सीडीओ और ब्लॉक का मेरे जिम्मे रहता है।
पीडी - सीडीओ से क्या मतलब रहता है तुम्हारा ?
शांडिल्य - आप जैसे सीडीओ का कह रहे हैं, आगे से वैसे आपका भी हिस्सा रहेगा, आप पहले नहीं कहे थे।
पीडी - नहीं तो मेरा 10 लाख का हिसाब है। 10 लाख का हिसाब तुम मुझे दोगे।
शांडिल्य - हम कहां से देंगे सर, जब देंगे तब दे देंगे।
पीडी - हम बताएंगे कि तुम कहां से दोगे, हम आएंगे तब पता चलेगा कहां से तुम दोगे। साहब को दे दोगे और हमारा कहोगे ठेकेदार से लीजिए। दिमाग खराब है तुम्हारा।