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Gorakhpur News: असम सीएम के बहाने दलित मतदाताओं को साधने की कोशिश

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गोरखपुर। कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शुद्र पर असम के सीएम हिमंत बिस्वा की टिप्पणी को उठाकर एक तीन से कई निशाना साधा। उनकी निगाहें दलित मतदाताओं पर थी पर निशाना भाजपा और मोदी पर। भाजपा की सोच व विचारधारा के साथ दलित के लिए कांग्रेस की नीति से जोड़कर उन्होंने दलित मतदाताओं को साधने की भरपूर कोशिश की।
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बांसगांव लोकसभा क्षेत्र में दलित मतदाताओं की बहुलता है। राजनीतिक दलों के सर्वे बताते हैं कि यहां साढ़े चार लाख से ज्यादा दलित मतदाता हैं। दलित मतदाता कभी कांग्रेस के कोर वोटरों में थे। लेकिन बाद कांशीराम और फिर मायावती ने इस बड़े वोट बैंक पर कब्जा जमा लिया। लेकिन भाजपा ने पिछले दो चुनावों से इनमें सेंधमारी की है। अब कांग्रेस की नजर अपने पुराने परंपरागत वोटरों पर है। सियासी गलियारे में चर्चा भी है कि बांसगांव में
कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष को बुलाने के पीछे दलित मतदाताओं के लिए एक संदेश भी देना था। वैसे ही खरगे ने किया भी। कांग्रेस ने जातीय फैक्टर के आधार पर दलित बिरादरी से सदल प्रसाद को चुनाव लड़ाया है। अब खरगे ने आसाम के सीएम के ट्रोल हो रहे भाषण के अंश का उठाकर भाजपा को घेरने की कोशिश की। कहा कि असम के सीएम कहते हैं, शुद्र को सेवा करना चाहिए। ऐसी विचारधारा को पीएम मोदी सपोर्ट करते हैं। यह शर्मनाक है। कांग्रेस ने दलिताें को समानता का अधिकार देने की कोशिश की। डॉ आंबेडकर के संविधान को नेहरू ने देश में लागू कराया। हमारी सोच ऐसी है, दलित भाइयों को इस पर विचार करना चाहिए। खरगे यही नहीं रुके, भाजपा का नाम लिए बगैर लिए बोले कि उनके झांसे में मत आना। गुमराह भी करेंगे और लुभावने वादे भी।
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