पुलिस इस मामले की विवेचना कर रही है। इसी बीच रविवार की देर रात बीआरडी मेडिकल कॉलेज गेट पर पुलिस पर एंबुलेंस माफिया ने हमला कर दिया था। उन्होंने हाथापाई के साथ ही पुलिसवालों पर अपनी गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की। पुलिस के मुताबिक, एंबुलेंस माफिया उनके खिलाफ कार्रवाई से नाराज थे। पुलिस ने इस मामले में रिजवान, रियासुद्दीन, अकसीम निवासी फतेपुर डिहवा थाना चिलुआताल और औरंगजेब निवासी मिर्जापुर थाना चिलुआताल को गिरफ्तार कर लिया। चौकी इंचार्ज की तहरीर पर पुलिस ने पांच नामजद व तीन अज्ञात के खिलाफ बलवा, मारपीट और सरकारी काम में बाधा समेत अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया।
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इस दौरान मौके से इनके साथी आसिफ अली उर्फ गोलू निवासी फतेपुर थाना चिलुआताल और तीन अज्ञात फरार हो गए। पकड़े गए आरोपियों को सोमवार को जेल भिजवाने के बाद पुलिस जांच में जुटी तो पता चला कि इस मामले के आरोपी बीती छह मई को भी हुई घटना में भी शामिल थे।
इस जानकारी के बाद अब एंबुलेंस माफिया के खिलाफ पुलिस, गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की तैयारी कर रही है। पुलिस उनके गिरोह का आपराधिक इतिहास खंगाल रही है। पुलिस का मानना है कि एंबुलेंस माफिया, गिरोह बनाकर आपराधिक कृत्य को अंजाम देकर धन अर्जित कर रहे हैं।
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मेडिकल कॉलेज में मरीज व तीमारदारों के साथ आए दिन मारपीट और लूट-खसोट की घटनाएं सामने आती रहती हैं। दरअसल, बीआरडी मेडिकल कॉलेज में एंबुलेंस माफिया अपनी जड़ें जमाए हुए हैं। एंबुलेंस माफिया-नर्सिंग होम गठजोड़ में मेडिकल कॉलेज के कुछ कर्मचारियों के भी शामिल होने की खबर है। इनका हौसला इतना बढ़ा हुआ है कि पुलिस पर भी हमला करने से नहीं गुरेज करते।
एसपी उत्तरी मनोज कुमार अवस्थी ने बताया कि पुलिस की जांच में पता चला है कि एंबुलेंस माफिया गिरोहबंद होकर कार्य करते हैं। मेडिकल चौकी इंचार्ज से मारपीट करने वाले एंबुलेंस माफिया के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की जाएगी। उन लोगों ने दो माह पहले चौकी के सिपाही से भी मारपीट की थी। इस मामले में केस दर्ज था। विवेचना में उनका नाम प्रकाश में आया है।