रामगढ़ताल इलाके के तारामंडल में संचालित स्पा सेंटर की आड़ में आबरू की कीमत दो से पांच हजार रुपये लगाई जाती थी। इसकी पुष्टि युवती के पुलिस को दिए गए बयान में हुई है। अब पुलिस आरोपी बनाए गए संचालक की तलाश में दबिश दे रही है। फिलहाल आरोपी भागा हुआ है। पुलिस इस मामले में तीन आरोपियों को जेल भिजवा चुकी है।
पुलिस के मुताबिक, लंबे समय से स्पा सेंटर में संदिग्ध गतिविधियों की शिकायत मिल रही थी। इसके बाद पुलिस ने गोपनीय तरीके से जांच-पड़ताल शुरू की। प्रारंभिक जांच में शिकायतों की पुष्टि होने पर टीम गठित कर स्पा सेंटर पर दबिश दी गई। इस दौरान मौके से तीन लोगों को हिरासत में लिया गया।
पूछताछ और आवश्यक साक्ष्य जुटाने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस का कहना है कि स्पा सेंटर की गतिविधियों की गहन जांच की जा रही है। युवती के मुताबिक, स्पा के बहाने पर वहां पर मसजा नहीं बल्कि आबरू की कीमत लगती थी।
आने वाले लोगों को लुभावने ऑफर दिए जाते थे। मास्टरमाइंड संचालक की तलाश पुलिस कर रही है। एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया कि आरोपी संचालक की तलाश की जा रही है, जल्द ही उसकी गिरफ्तारी कर ली जाएगी।
जेल भेजे गए आरोपियों से कनेक्शन की जांच
स्पा सेंटर मामले में पुलिस ने अब पूर्व में गिरफ्तार कर जेल भेजे गए आरोपियों और भागे स्पा संचालक के बीच संभावित कनेक्शन की जांच तेज कर दी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि अनैतिक गतिविधियों का यह पूरा नेटवर्क किस तरह से संचालित किया जा रहा था और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही।
तकनीकी साक्ष्यों, कॉल डिटेल और बयान के आधार पर कड़ियों को जोड़ा जा रहा है। जांच टीम का मानना है कि संचालक की गिरफ्तारी के बाद पूरे रैकेट का पर्दाफाश हो सकता है।
स्पा सेंटर सीलिंग के लिए जिला प्रशासन को भेजा गया पत्र
तारामंडल स्थित स्पा सेंटर पर प्रशासनिक कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। पुलिस की ओर से जिला प्रशासन को स्पा सेंटर को सील करने के लिए पत्र भेजा जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों में सख्त कदम जरूरी हैं ताकि भविष्य में इस तरह की गतिविधियां दोबारा न हो सकें। जांच रिपोर्ट और साक्ष्यों के आधार पर सीलिंग की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। फिलहाल स्पा सेंटर की गतिविधियां पूरी तरह जांच के दायरे में हैं।
युवतियां बनेंगी सरकारी गवाह
स्पा सेंटर से मुक्त कराई गई युवतियों और महिलाओं को अब सरकारी गवाह बनाया जाएगा। पुलिस का कहना है कि इनके बयान मामले की चार्जशीट का अहम हिस्सा होंगे। इनके माध्यम से पूरे नेटवर्क और संचालन की परतें खुलने की उम्मीद है। पुलिस जल्द ही न्यायालय में चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में है। जांच एजेंसियां साक्ष्यों को अंतिम रूप देने में जुटी हैं ताकि मजबूत केस तैयार किया जा सके और आरोपियों को सजा दिलाई जा सके।