‘सुखद होगा शुक्र ग्रह का राशि परिवर्तन’
गोरखपुर। शुक्र का राशि परिवर्तन एक अगस्त को हो चुका है। वह बुध और राहु के साथ मिथुन राशि में विद्यमान है। ज्योतिर्विद पंडित नरेंद्र उपाध्याय के मुताबिक, इसका विशेष महत्व है। शुक्र ऐश्वर्य और सुख के कारक हैं, इसलिए राशि परिवर्तन विशेष फलदायी है। ज्योतिर्विद पंडित नरेंद्र उपाध्याय ने बताया कि कुटुंब, वाणी और धनस्थान के मालिक शुक्र हैं। इस समय शुक्र मिथुन राशि में गए हैं, जहां बुध और राहु पहले से विद्यमान हैं। इससे तीन ग्रहों का योग बन रहा है। वहीं, धनु राशि के बृहस्पति वक्री हैं। राहु, बुध और शुक्र तीनों मित्र ग्रह हैं। ऐसे में किसी भी तरीके का अनिष्ट फल नहीं मिलने वाला। इससे सिर्फ मनोरंजन के क्षेत्र से जुड़े लोगों को थोड़ी परेशानी हो सकती है।
राशि परिवर्तन का राशियों पर असर
मेष : मनोरंजन के क्षेत्र से जुड़े मेष राशि वालों को नए अवसर मिलेंगे। नाक, कान और गले से जुड़ी बीमारियों से परेशानी हो सकती है।
वृष : कुटुंब में वृद्धि होगी, भौतिक सुख संपदा की खरीदारी होगी। मुख रोग से बचें। नए संबंध भी बन सकते हैं।
मिथुन : नव प्रेम का आगमन होगा। यह विद्यार्थियों के लिए अच्छा समय रहेगा। द्वंद की स्थिति बनी रहेगी। चर्म रोग की समस्या पर ध्यान देना होगा।
कर्क : प्रेमी-प्रेमिका में दूरी आ सकती है। खर्च की वजह से परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। स्वास्थ्य का ध्यान रखना है।
सिंह : विशेष फायदा होगा। भौतिक सुख-सुविधा में वृद्धि होगी। हर लिहाज से यह परिवर्तन अच्छा साबित होने वाला है।
कन्या : कोर्ट-कचहरी के चक्कर से बचना है। नए व्यक्तियों को व्यवसाय में शामिल न करें। स्वास्थ्य ठीक रहेगा।
तुला : विपरीत लिंगी संबंधों के कारण अपमानित हो सकते हैं। ऐसे में इससे बचना होगा। लाभ के अवसर बनेंगे। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।
वृश्चिक : आरोपों से बचना होगा। विपरीत लिंगीय संबंध के कारण परेशानी हो सकती है। स्वास्थ्य, प्रेम और व्यापार के लिए अच्छा समय नहीं है।
धनु : जीवन साथी के स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने की जरूरत है। नव संबंध का आगमन हो सकता है। बीमारियों से बचना होगा।
मकर : शत्रुओं पर भारी पड़ेंगे। समस्याओं से निजात मिलेगा। स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है।
कुंभ : मानसिक चंचलता पर नियंत्रण रखना होगा। बच्चे परेशानी खड़ी कर सकते हैं। नए अवसर मिलेंगे।
मीन : घर पर ध्यान देना होगा। घर में समस्याएं आ सकती हैं। भौतिक संपदा में वृद्धि हो सकती है। मां काली की पूजा करें।