- पिपराइच इलाके के जंगल छत्रधारी गांव के मीरगंज में कलश विसर्जन के दौरान हुई थी छेड़खानी, मारपीट और पथराव की घटना
- शांतिभंग में चालान के बाद छोड़े गए आरोपियों की पुलिस ने फिर से शुरू की तलाश, घर छोड़कर फरार
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। पिपराइच के जंगल छत्रधारी गांव के मीरगंज टोला में कलश विसर्जन यात्रा के दौरान लड़कियों से छेड़खानी, मारपीट और पथराव के मामले में पुलिस ने फिर से जांच शुरू कर दी है। शांतिभंग के बाद जमानत पर रिहा हुए युवकों की पुलिस ने फिर से तलाश शुरू कर दी है। सभी आरोपी घर छोड़कर फरार हैं, इस वजह से पुलिस के हाथ फिलहाल खाली हैं।
सोमवार की देर शाम एएसपी मानुष पारिक पिपराइच पुलिस के साथ गांव में पहुंचे। उन्होंने पीड़ितों का बयान दर्ज कर पुलिस की भूमिका की जांच शुरू कर दी है। खबर है कि आरोपी पुलिस वालों पर गाज गिर सकती है।
जानकारी के मुताबिक, 21 अप्रैल को यज्ञ के कलश विसर्जन यात्रा के दौरान छेड़खानी का विरोध करने पर मारपीट हुई थी। हाथ में लाठी-डंडा लिए युवकों ने मारपीट करने के साथ ही पथराव कर अफरा-तफरी मचा दी थी। इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर लिया, लेकिन आरोपियों का शांतिभंग में चालान कर दिया, जिस वजह से वह जमानत पर रिहा हो गए। उधर, रविवार को गांव में अमर उजाला की टीम गई तो पता चला कि 17 अप्रैल को परिक्रमा के दौरान भी मुख्य आरोपी राकेश ने छींटाकशी की थी। इस दौरान ही टोकने पर विवाद हुआ था, जिसके बाद मारपीट की स्थिति हुई थी। मौजूद लोगों ने समझौता करा दिया था और मामला शांत हो गया था। पुलिस को सूचना दी गई थी, लेकिन पुलिस तहरीर के इंतजार में बैठी थी और कार्रवाई नहीं की। इसी का नतीजा रहा कि 21 अप्रैल को कलश विसर्जन के दौरान उत्पातियों ने पथराव और मारपीट की घटना कर दी। मामला सामने आने के बाद एएसपी मौके पर पहुंच गए। सोमवार को गांव में पहुंचकर एएसपी ने पीड़ितों का बयान दर्ज किया है। एसपी नार्थ मनोज अवस्थी ने बताया कि दर्ज केस की पुलिस जांच कर रही है। जांच के आधार पर आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।