मीटर रीडर बिल बनाने में नहीं कर पाएंगे मनमानी, मौके पर जाना ही होगा
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। अब बिजली बिल निकालने में मीटर रीडर मनमानी नहीं कर पाएंगे। उन्हें हर हाल में घरों तक जाना ही पड़ेगा। लगातार बिजली बिल में आ रही गड़बड़ी को देखते हुए विभाग ने बिल बनाने की व्यवस्था ही बदल दी है। अब एजेंसी के मीटर रीडर घरों में लगे मीटर का फोटो खींचेंगे। मीटर की रीडिंग एप युक्त मोबाइल में दर्ज हो जाएगा और बिजली बिल निकल जाएगा।
अभी बिजली बिल बनाने के लिए मीटर रीडर मैनुअल रीडिंग दर्ज करते हैं। इसी गणना के आधार पर उपभोक्ता का बिजली बिल बन जाता था। इसी में टेबल रीडिंग या गलत बिजली बिल का खेल हो जाता है। अधिक बिजली बिल का भार भी उपभोक्ताओं को उठाना पड़ता है। वहीं जिनका बिल नहीं बन पाता, वे मीटर की रीडिंग का फोटो खींचकर बिल निकलवा लेते हैं।
इस गड़बड़ी को रोकने के लिए पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड ने पहली बार बिलिंग एजेंसी कार्य में ओसीआर व्यवस्था शुरू की है। इस व्यवस्था में मीटर का फोटो खींचते ही रीडिंग के आधार पर बिल अपने आप बन जाएगा। फोटो में ही मीटर में चली रीडिंग को सर्वर कनेक्शन के बिलिंग सर्वर में जोड़ लेगा। अधीक्षण अभियंता लोकेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि फिलहाल अभी ट्रायल के तौर पर इसे शुरू किया गया है। सफल होने पर सभी उपकेंद्रों पर इसे लागू किया जाएगा।