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सीबीएसईः आर्ट इंटीग्रेटिड पढ़ाई से समझाएंगे देश की सांस्कृतिक विरासत

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सीबीएसईः आर्ट इंटीग्रेटिड पढ़ाई से समझाएंगे देश की सांस्कृतिक विरासत - कक्षा 1-10 के विद्यार्थियों को बनाने होंगे इस विषय पर प्रोजेक्ट वर्क - एक भारत श्रेष्ठ भारत अभियान का होगा हिस्सा, सत्र 2020-21 से होगा लागू अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की ओर से विद्यार्थियों के अंदर देेश की कला और सांस्कृतिक विरासत के प्रति अच्छी समक्ष और लगाव पैदा करने के लिए एक अनूठी पहल की है। इसके अंतर्गत अब कक्षा 1-10 तक के विद्यार्थियों को किसी एक विषय में आर्ट इंटीग्रेटेड प्रोजेक्ट वर्क बनाना होगा। एक भारत श्रेष्ठ भारत अभियान के तहत विद्यार्थी को किसी राज्य या यूनियन टेरिटरी को अपने प्रोजेक्ट में स्थान देना होगा। यानी विद्यार्थी को सेवन सिस्टर स्टेटस, गुजरात और पंजाब सरीखे दूूसरे प्रदेशों पर प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनानी होगी। इसका आदेश गोरखपुर के सीबीएसई से संचालित 103 विद्यालयों में पहुंच गया है। आदेश के मुताबिक बोर्ड ने हर विषय में 9वीं, 10वीं छात्रों से कम से कम एक आर्ट बेस्ड प्रोजेक्ट कराना होगा। सत्र 2020-2021 से नई व्यवस्था लागू होगी। इसके साथ ही पहली कक्षा से 8वीं तक छात्रों को भी कम से कम एक आर्ट बेस्ड प्रोजेक्ट बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। बोर्ड ने स्कूलों को सलाह दी कि वे आर्ट एजुकेशन और छात्रों के आर्ट इंटीग्रेटेड लर्निंग प्रोजेक्ट का डेटा अपलोड करने के लिए पोर्टल तैयार किया जा रहा है। जो कि 10वीं, 12वीं परीक्षा में शामिल हो जा छात्रों का रिकॉर्ड रखने का काम करेगा। = कोट आर्ट इंटीग्रेटेड पढ़ाई को बढ़ावा देने के लिए बोर्ड ने प्रोजेक्ट वर्क में इसपर काम शुरू करने का निर्देश दिया है। इस पहल से बच्चों में देश की सांस्कृतिक विरासत और कला के बारे बेहतर समझ विकसित होगी। हेमंत मिश्रा, डायरेक्टर एबीसी पब्लिक स्कूल
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