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Gorakhpur News: पश्चिमी यूपी का अर्पित जैन कर रहा फर्जी स्टांप के धंधे को फंडिंग, ATS ने भी शुरू की तलाश

Tue, 03 Sep 2024 05:14 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर

सार

पुलिस ने बिहार सिवान के मोफस्सिल नई बस्ती के रहने वाले 84 साल के मोहम्मद कमरूद्दीन और उसके नाती साहेबजादे को पकड़ा था। इसमें कुशीनगर के स्टांप विक्रेता गोपाल तिवारी और बेलघाट के अरविंद निषाद का नाम सामने आया था। तभी से दोनों फरार चल रहे थे। पुलिस ने इन पर 25-25 हजार का इनाम रखा था। गोपाल की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब अरविंद की तलाश कर रही है।
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स्टांप के धंधेबाजों के पास पिछले दिनों गिरफ्तारी में बरामद फर्जी स्टांप - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पश्चिमी यूपी का अर्पित जैन फर्जी स्टांप के धंधे में फंडिंग कर रहा है। रविवार को पकड़े गए नवाब आरजू ने पूछताछ में पुलिस के सामने कई राज उगले हैं। अर्पित कभी सामने नहीं आया और न ही उसके ठिकाने के बारे में किसी को पता है। पुलिस ने कैंट थाने में उस पर केस दर्ज किया है।

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वहीं, एटीएस अपने सूत्रों से उसका पता खंगाल रही है। दूसरी ओर सोमवार को जिले की क्राइम ब्रांच टीम ने फर्जी स्टांप मामले में फरार 25 हजार के इनामी कुशीनगर के कसया चिरगोडा गांव निवासी गोपाल तिवारी को देवरिया से गिरफ्तार कर लिया।

फर्जी स्टांप मामले में पहली कार्रवाई पांच अप्रैल को हुई थी। पुलिस ने बिहार सिवान के मोफस्सिल नई बस्ती के रहने वाले 84 साल के मोहम्मद कमरूद्दीन और उसके नाती साहेबजादे को पकड़ा था। इसमें कुशीनगर के स्टांप विक्रेता गोपाल तिवारी और बेलघाट के अरविंद निषाद का नाम सामने आया था। तभी से दोनों फरार चल रहे थे।
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पुलिस ने इन पर 25-25 हजार का इनाम रखा था। गोपाल की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब अरविंद की तलाश कर रही है। मामले में पहले भी अर्पित जैन का नाम सामने आया था, लेकिन सटीक जानकारी न होने के कारण पुलिस ने उसका नाम एफआईआर में शामिल नहीं किया था।

यूपी एटीएस ने रविवार को कूटरचित स्टांप पेपरों और टिकटों की सप्लाई करने वाले गैंग के मास्टर माइंड नवाब आरजू व उसके साथी राजू यादव को कैंट इलाके से गिरफ्तार किया। पूछताछ कर दोनों को जेल भेजवा दिया। नवाब का पिता मोहम्मद कमरूद्दीन भी जेल में बंद है।

जेल से छूटे भांजे पर एटीएस और पुलिस की नजर
कमरूद्दीन के जेल जाने के बाद उसका बेटा नवाब आरजू धंधा चला रहा था। उसके पकड़े जाने के बाद अब नवाब आरजू के भांजे साहबजादे पर एटीएस और पुलिस की नजर है। हाल ही में साहबजादे जमानत पर जेल से छूटा है। नवाब के जेल जाने के बाद वह इस धंधे की कमान संभाल सकता है। इसलिए उसके बारे में पुलिस जानकारी जुटा रही है।

दिल्ली तक जाता था फर्जी स्टांप
यूपी एटीएस के अनुसार नवाब आरजू शातिर अपराधी है। वह यूपी, बिहार और दिल्ली के विभिन्न जिलों में कूटरचित स्टांप पेपरों और टिकटों की तस्करी कर रहा था। गिरोह के अन्य सक्रिय सदस्य एटीएस के रडार पर हैं।
फर्जी स्टांप मामले में कैंट थाने में केस दर्ज किया गया है।

एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि इसमें कई आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है। अब पुलिस इसके नेटवर्क को ध्वस्त करने में जुट गई है। इसमें यूपी के पश्चिम क्षेत्र के कुछ लोगों के नाम सामने आ रहे हैं। पुलिस तलाश में लग गई है।

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