रात में 9 बजे के बाद बरात में गाड़ियों की भीड़ और आतिशबाजी ने प्रदूषण स्तर को बढ़ा दिया और रात 12 बजे प्रदूषण स्तर 203 तक पहुंच गया। जो प्रदूषण की दृष्टि से ''''खराब'''' श्रेणी में आता है। हालांकि मंगलवार को दिन चढ़ने के साथ ही प्रदूषण स्तर गिरने लगा। शाम 5 बजे एक्यूआई का स्तर 145 पहुंच गया।
विशेषज्ञों की माने तो मौसम में नमी और हवा कम होने की वजह से गाड़ियों के धुएं से निकले हानिकारक गैस वायुमंडल में ऊपर नहीं जा पा रहे हैं। धुंध की सतह बन गई है।
एमएमएमयूटी के वायु गुणवत्ता अनुप्रेषण कमेटी के डिप्टी डायरेक्टर प्रो. एके मिश्रा ने बताया कि सुबह नमी होने के चलते प्रदूषण का स्तर अधिक रह रहा है, ऐसे मौसम में मास्क पहनकर ही बाहर निकलना बेहतर रहेगा।
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बरात में जमकर हो रही आतिशबाजी, हवा को बना रही जहरीली
शहर में मंगलवार को 200 से अधिक शादी होने से करीब सभी मैरिज हाउस व गेस्ट हाउस बुक थे। द्वारपूजा के लिए बराती निकले तो गाजे-बाजे पर जमकर थिरकने के साथ आतिशबाजी करते रहे। रात तकरीबन नौ बजे बैंक रोड स्थित एक मैरिज हाउस जाने के लिए बरात जा रही थी। आगे जमकर आतिशबाजी हो रही थी।
आतिशबाजी कर रहे सेराज ने बताया कि आठ हजार रुपये में बुकिंग है। कमोबेश यही हाल बक्शीपुर चौराहे पर जा रही बरात में भी देखने को मिली। आतिशबाजी कर रहे शफीक ने बताया कि 6 हजार में बुक किया गया है। पटाखों के बारूद से निकला धुंआ शहर की हवा को खराब कर रहा था।
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प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी अनिल कुमार शर्मा ने कहा कि तापमान में कमी और हवा नहीं चलने के कारण धूल के कण संघनित हो गए हैं। वाहनों के धुएं और अन्य कारकों से भी प्रदूषण बढ़ा हुआ है। जब तक तेज हवा नहीं चलती, स्थिति ऐसी ही बनी रहेगी।