अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। भ्रष्टाचार का जुर्म साबित होने पर विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम तनु भटनागर ने सुल्तानपुर जिले के बल्दीराय थाना क्षेत्र के ग्राम डड़वा मजरा छतौना निवासी व सुल्तानपुर जिले के सदर तहसील में तैनात तत्कालीन लेखपाल सुशील कुमार मिश्र को तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर दो माह और जेल में रहना पड़ेगा।
अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक परमानंद राम त्रिपाठी का कहना था कि शिकायतकर्ता शोभनाथ सुल्तानपुर जिले के मंगूर गांव का निवासी है। नौ सितंबर 1997 को उसने एक शिकायती प्रार्थनापत्र पुलिस अधीक्षक सतर्कता अधिष्ठान फैजाबाद को दिया था। उसका कहना था कि उसके ग्राम सभा में उसके नाम से एक भूखंड आवंटित था, जिसकी पैमाइश के लिए लेखपाल सुशील कुमार मिश्र ने 200 रुपये रिश्वत की मांग की थी। रिश्वत न देने पर पट्टा निरस्त कराने की धमकी दी थी। शिकायतकर्ता की शिकायत पर एक ट्रैप टीम का गठन हुआ और लेखपाल को 10 सितंबर 1997 को सदर तहसील सुल्तानपुर के बाहर एक चाय की दुकान पर रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया था।