एम्स में शनिवार को नवजात को बदले जाने का आरोप को लेकर परिजनों ने हंगामा खड़ा कर दिया। आरोप है कि जन्म लेने के बाद नवजात को दूसरे के परिजनों को सौंप दिया गया। एम्स प्रशासन ने आरोपों को निराधार बताया है। परिजनों के खिलाफ एम्स थाने में तहरीर दी गई है।
घटना शनिवार सुबह की है। एम्स में दो महिलाओं की डिलीवरी हुई। दोनों को लगभग एक साथ ऑपरेशन थियेटर में ले जाया गया था। शुरुआती सूचना अलग-अलग दी गई थी। बाद में परिजनों ने आरोप लगाया कि उनके शिशु बदल दिए गए हैं। अल्ट्रासाउंड और लेवल-टू जांच के आधार पर यह आरोप लगाया गया।
परिजनों का कहना है कि बच्चे के पिता आधे घंटे तक बच्चे का इंतजार कर रहे थे लेकिन नवजात नहीं दिखाया गया। इस दौरान बदल दिया गया। इस संबंध में एम्स की कार्यकारी निदेशक डॉ. विभा दत्ता का कहना है कि बच्चा बदलने का आराेप पूरी तरह गलत है। अस्पताल का संचालन सुचारु रूप से किया जा रहा है। इस मामले में कानूनी कार्रवाई के लिए शिकायत की गई है।
एम्स के उप चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुधीर श्याम कुशवाहा ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि अस्पताल के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में एक व्यक्ति प्रदर्शन कर रहा था। वह पूरी तरह अनावश्यक था। इससे चिकित्सकीय कार्य में बाधा उत्पन्न हुई। उसकी पत्नी यहां भर्ती थी। उसकी फाइल से भी आरोपी ने कागजात निकाल लिए और वापस नहीं कर रहा। सीओ कैंट योगेंद्र सिंह ने बताया कि मामले की जांच करवाकर आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।