चिकित्सा अधीक्षक के आश्वासन पर सोमवार को कर्मचारियों ने किया काम
छह माह के बकाया मानदेय को लेकर किया था प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। नंदानगर स्थित 100 बेड टीबी सह सामान्य अस्पताल में मानदेय के लिए प्रदर्शन करने पर नौकरी गंवाने वाले संविदा कर्मचारियों से काम लिया जा रहा है। अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक ने सेवा प्रदाता फर्म से इस संबंध में वार्ता की है। एमएस ने कहा कि जिन संविदा कर्मियों का मानदेय बकाया है, वह भी दिलाया जाएगा। हालांकि सेवा प्रदाता फर्म ने अपनी ओर से अब तक इन कर्मियों को बहाल नहीं किया है।
100 बेड टीबी सह सामान्य अस्पताल में 18 चिकित्सकों के अलावा करीब 40 स्थाई कर्मचारी तैनात हैं। इसके अलावा आउट सोर्सिंग पर 45 पैरामेडिकल स्टाफ तैनात हैं। इसमें 15 स्टाफ नर्स, तीन वार्ड ब्वाय, 10 चपरासी, 10 स्वीपर, एक-एक लैब अटेंडेंट, ओटी अटेंडेंट, धोबी, कहार, प्लंबर, व इलेक्ट्रीशियन हैं। इनका मानदेय 7600 से 19 हजार रुपये के बीच है। यह कर्मचारी फरवरी वर्ष 2016 से आउटसोर्सिंग पर तैनात हैं। तब से अब तक दो बार सेवा प्रदाता फर्म बदल चुकी है। वर्तमान फर्म ने छह महीने पहले बायोमेट्रिक हाजिरी शुरू कर दी। इसके लिए अस्पताल के अंदर एक बायोमेट्रिक मशीन लगी है। जब से बायोमेट्रिक हाजिरी शुरू हुई है, तब से मानदेय नहीं मिला था। आठ फरवरी को कर्मचारियों के खाते में चार महीने का मानदेय मिला। इसमें भी बायोमेट्रिक हाजिरी के नाम पर मनमानी कटौती हो गई है। चार हजार से लेकर 30 हजार रुपये तक कर्मचारियों को कम मानदेय मिला है।
शुक्रवार को इन कर्मियों ने मानदेय में मनमानी कटौती व दो महीने का मानदेय कम दिए जाने का आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में ही प्रदर्शन किया। इससे नाराज सेवा प्रदाता कंपनी व इनकी नियोक्ता चींटी इंटरप्राइजेज के अधिकारियों ने शनिवार रात कर्मचारियों को ईमेल भेजकर अनुशासनहीनता के आरोप में बर्खास्त कर दिया। कर्मचारी फर्म के अधिकारियों ने मोबाइल पर काल करने लगे, लेकिन अधिकारियों ने काॅल नहीं रिसीव किया।
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कोट
100 बेड टीबी सह सामान्य अस्पताल में डॉक्टरों के बाद आउटसोर्सिंग कर्मचारी के भरोसे ही मरीजों का उपचार किया जाता है। इसलिए किसी भी कर्मचारी को बाहर नहीं होने दिया जाएगा। फर्म का कर्मचारियों को बाहर करने का फैसला गलत है। फर्म के अफसरों से वार्ता की गई है। हटाए गए कर्मचारियों से कहा गया है कि उनका जितने दिन का वेतन कटा है, उस दिन अगर वे उपस्थित रहे हैं तो उसका विवरण जमा करें। कंपनी के अफसरों से कहा गया है कि किसी की संविदा समाप्त न की जाए।
- डॉ. एके वर्मा, सीएमएस, टीबी सह सामान्य अस्पताल