अलिखेश यादव सबसे पहले मालवीव नगर स्थित पूर्व विधायक शारदा देवी के घर पहुंचे। यहां उन्होंने उनके दिवंगत पति रामलखन पासवान को श्रद्धाजंलि अर्पित की। साथ ही परिवार के लोगों से मिलकर अपनी संवदेनाएं व्यक्त करते हुए ढांढ़स बंधावाया। उन्होंने कहा, शारदा देवी हमेशा जनता के लिए लड़ाई लड़ती रहीं। चाहे सरकार रही हो या नहीं, लेकिन वे हमेशा जनता के लिए संघर्ष करती हुई नजर आईं।
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि लोकतंत्र में जो जनता से झूठ बोले और झूठ को छुपाने के लिए नए-नए इवेंट करें, उनके सवालों पर क्या बोलना। ना किसान की आय दोगुनी हुई, जो नौकरी रोजगार मिलना था वह ना दे पाए, महंगाई बढ़ा दी।
कहा कि अधिकारियों के माध्यम से परिणाम को अपने पक्ष में किया गया, जहां इन्हें जिताना था वहां काउंटिंग करते रहे, पुलिस लगाते रहे। क्या गोरखपुर का कूड़ा खत्म हो गया? क्या नाले साफ हो गए? क्या मेट्रो बन गई? मुझे उम्मीद है आने वाले चुनाव में जनता इनको एक बार फिर सबक सिखाने का काम करेगी।"
यहां से अखिलेश यादव सीधा बड़हलगंज के टांडा स्थित स्थित पूर्व मंत्री स्व. हरिशंकर तिवारी के गांव पहुंचे। उन्होंने पूर्व मंत्री के बेटे और सपा के राष्ट्रीय सचिव विनय शंकर तिवारी और बड़े बेटे और पूर्व सांसद कुशल तिवारी व पूर्व सभापति गणेश शंकर पांडेय से मुलाकात कर अपनी संवदेनाएं व्यक्त की। साथ ही सपा मुखिया ने पूर्व मंत्री के चित्र पर पुष्पाजंलि कर उन्हें श्रद्धाजंलि अर्पित की।
उन्होंने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार पर हमला बोला। सपा अध्यक्ष ने कहा, 'नया संसद भवन बनने से जरूरी है कि लोकतांत्रिक परंपराओं को निभाया जाए। जो विपक्ष का सम्मान नहीं करते, तो उनके समारोह में क्या जाना। इस उद्घाटन से जनता को कोई खुशी नहीं होगी।
उन्होंने कहा कि गोरखपुर की जनता सब देख रही है। भाजपा नेताओं ने जो भी वादे चुनाव में किए, वह आज तक पूरे नहीं हुए। न कूड़ा साफ हुआ न नाले बने। मेट्रो की बात तो जनता सब देख रही है। आजम खान को फंसाया गया। सरकार और अधिकारी मिलकर उन्हें फंसा रहे हैं।
वहीं, रालोद से गठबंधन के सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा कि उनका जो गठबंधन है। वह आगे भी वह कायम रहेगा। यूपी की 80 में से 80 लोक सभा सीटें हराने का संकल्प समाजवादी पार्टी पूरा करेगी।