यौन उत्पीड़न मामले के बाद हॉस्टल की व्यवस्था के लिए बनी 20 सदस्यीय कमेटी
कमेटी में कर्मचारी और छात्र भी होंगे सदस्य, हर तरह के मामलों की होगी चर्चा
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। एम्स परिसर स्थित कॉलेज और हॉस्टल में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को देखते हुए नए नियम लागू किए जा रहे हैं। इसके तहत अब बाहर से आने वालों और अंदर से बाहर जाने वालों पर कर्मचारी निगरानी करेंगे। इसके अलावा हॉस्टल मैनेजमेंट कमेटी का गठन किया जाएगा, जिसमें वार्डन, डीन स्टूडेंट अफेयर्स और हर बैच के दो-दो छात्र-छात्राओं को भी शामिल किया जाएगा। कमेटी की हर महीने बैठक भी होगी, जिसमें हर तरह के मामलों की चर्चा होगी।
विशाखा कमेटी की जांच के दौरान यह बात सामने आई कि छात्रा से हुई घटना के अलावा भी कई महिला कर्मचारियों के साथ ऐसे मामले हो चुके हैं। अभी दिन में परिसर से बाहर आने-जाने को लेकर बहुत अधिक जांच पड़ताल नहीं हो रही थी, लेकिन अब इस पर सख्ती और निगरानी बढ़ाने की तैयारी है। इसके अलावा एक हॉस्टल प्रबंधन कमेटी का गठन किया जाएगा, जो परिसर की हर गतिविधि पर नजर रखेगी। इस कमेटी में छात्र-छात्राओं को भी शामिल किया जाएगा।
कार्यकारी निदेशक डॉ. जीके पाल ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि अलग-अलग समूह के लोगों को शामिल करने का फायदा यह होगा कि अगर कोई मामला होगा तो वह सार्वजनिक हो जाएगा। कमेटी की हर महीने बैठक होगी, जिसकी रिपोर्ट हमें भी दी जाएगी। बीच-बीच में कमेटी के साथ वरिष्ठ अफसरों की भी बैठक होगी, जिससे कि हॉस्टल की सुविधाओं की जानकारी मिलती रहे।