-एम्स और गोविवि के बीच जल्द होने जा रहा अनुबंध
-शोध व शैक्षणिक गतिविधियों पर करेंगे आदान-प्रदान
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। गोरखपुर विश्वविद्यालय एम्स गोरखपुर के साथ मिलकर शोध एवं शैक्षणिक गतिविधियों का आदान-प्रदान करने के साथ ही एक साथ काम करेंगे। इसे लेकर दोनों संस्थाओं के बीच जल्द अनुबंध होने जा रहा है। गोविवि में शुरू होने वाले फार्मेसी में भी एम्स के डॉक्टर नर्सिंग के नुस्खे सिखाएंगे।
गोरखपुर विश्वविद्यालय अपनी शैक्षणिक एवं शोध को उच्च गति प्रदान करने के लिए प्रयासरत है। इस कड़ी में वह एम्स से मिलकर शोध एवं शैक्षणिक दिशा में काम करने जा रहा है। इसे लेकर दोनों संस्थाओं के बीच बातचीत चल रही है। दोनों संस्थाएं साथ मिल कर जन उपयोगी से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए शोध को आगे बढ़ाएंगे जबकि शैक्षणिक दिशा में भी एक-दूसरे की मदद करेंगे।
हाल ही में हुए गोविवि के कार्य परिषद की बैठक में स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रम के अंतर्गत फार्मेसी कोर्स के संचालन पर निर्णय लिया गया है। इस फार्मेसी कोर्स के संचालन में भी एम्स के अनुभवी डॉक्टर व नर्सिंग स्टाफ सहयोग प्रदान करेंगे।
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जन उपयोगी शोध पर एक साथ करेंगे काम
गोविवि और एम्स जनता या समाज से जुड़े मुद्दे पर एक साथ काम करेंगे। दोनों संस्थान आसपास क्षेत्रों की जनसमस्याओं पर साथ मिलकर शोध कार्य करेंगे। जिससे शोध की जनोपयोगिता सिद्ध हो सके। शोध का फायदा समाज को मिल सके, इस दिशा में दोनों संस्थान मिलकर काम करने का निर्णय लिए हैं।
दोनों संस्थाओं के बीच हो चुकी है बातचीत
गोविवि की कुलपति प्रो. पूनम टंडन और एम्स की कार्यकारी निदेशक डॉ. सुरेखा किशोर के बीच बातचीत हो चुकी है। दोनों संस्थानों की प्रमुख ने साथ मिलकर शोध एवं शैक्षणिक गतिविधियों में सहयोग करने की सहमति जताई है। संभावना है कि जल्द ही दोनों संस्थानों के बीच अनुबंध कर लिया जाएगा।
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कोट....
एम्स के साथ मिलकर शोध एवं शैक्षणिक गतिविधियों को आदान-प्रदान करने पर विचार किया जा रहा है। इसे लेकर एम्स से बातचीत हुई है। जल्द ही दोनों संस्थान अनुबंध कर इस दिशा में कार्य शुरू कर देंगे।
- प्रो. पूनम टंडन, कुलपति