एम्स में महिला के रीढ़ की हड्डी के ट्यूमर का सुक्ष्मदर्शी से ऑपरेशन करते चिकित्सक।
बिहार प्रांत की महिला एक साल से रीढ़ की हड्डी में ट्यूमर से परेशान थी
बीमारी के चलते वह 10 मीटर से अधिक चल नहीं पाती थी, खड़े होने में भी थी परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। एम्स में बिहार प्रांत की एक महिला की रीढ़ की हड्डी में ट्यूमर का सफल ऑपरेशन किया गया। बेहद दुर्लभ इस केस मायक्सोपैपिलरी एपेंडिमोमा (रीढ़ की हड्डी का ट्यूमर) के सफलता ऑपरेशन के बाद मरीज बिल्कुल ठीक है। वह एक साल से इस बीमारी से पीड़ित थी। माइक्रोस्कोप का उपयोग करके प्रत्येक छोटी और पतली नसों को ट्यूमर से अलग कर ऑपरेशन किया गया।
एम्स की कार्यकारी निदेशक डॉ. सुरेखा किशोर ने बताया कि बिहार प्रांत की रहने वाली अधेड़ उम्र की महिला मरीज अपनी पीठ के निचले हिस्से में दर्द और कुछ हिस्सों के संवेदनशून्य हो जाने से पीड़ित थी। दर्द के कारण वह 10 मीटर से अधिक चलने में सक्षम नहीं थी और न ही लंबे समय तक खड़ा रह पाती थी। डॉ. कनिष्क ने जांच के बाद उसे न्यूरो सर्जरी के लिए रेफर किया। चूंकि इस तरह की सर्जरी में तंत्रिका जड़ों से जुड़े ट्यूमर को हटाने के लिए माइक्रोस्कोप की आवश्यकता होती है, इसलिए एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. सुहास के साथ चर्चा के बाद सर्जरी में अत्याधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल का निर्णय लिया गया। ईएनटी, हृदय रोग समेत कई अन्य विशेषज्ञों की टीम ने इसकी जांच कर अपने सुझाव दिए।
इसके बाद माइक्रोस्कोप की मदद से सर्जरी पूरी की गई। पूरा ट्यूमर निकालकर पैथोलॉजिकल जांच के लिए भेजा गया। जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर और नर्सिंग ऑफिसर वर्षा, लक्ष्मी, पूजा और आपातकालीन स्थिति में नर्सिंग स्टाफ ने सर्जरी और वर्कअप में सहयोग दिया। हिस्टोपैथोलॉजिकल मूल्यांकन के बाद आगे के उपचार के लिए ऑनकोरेडियोलॉजिस्ट डॉ. शशांक के साथ मामले पर चर्चा की गई है। सर्जरी के बाद मरीज की हालत बेहतर है।