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Gorakhpur News: अब AI बताएगा किस रेलवे क्रॉसिंग पर सबसे ज्यादा ट्रैफिक, तब बनेगा अंडरपास या ओवरब्रिज

Tue, 07 Jul 2026 02:55 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो राजन राय, गोरखपुर

सार

रेलवे का मानना है कि यह तरीका सटीक नहीं है और सीमित अवधि के कारण वास्तविक ट्रैफिक का सही आकलन नहीं हो पाता। इसे देखते हुए अब रेल प्रशासन ने रेलवे क्रॉसिंग पर एआई बेस्ड कैमरे लगाने का निर्णय लिया है। इससे गुजरने वाले सभी वाहनों की सटीक जानकारी मिल सकेगी। नई व्यवस्था में एआई आधारित कैमरे वाहनों की आवाजाही का रिकॉर्ड तैयार करेंगे।
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अंडरपास( सांकेतिक) - फोटो : स्त्रोत- सोशल मीडिया
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विस्तार
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रेलवे क्रॉसिंग से गुजरने वाले वाहनाें की गणना रेलकर्मियों के बजाय अब एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) कैमरों से की जाएगी। इससे रेलवे को दो पहिया और चार पहिया वाहनों के गुजरने की सटीक जानकारी हो सकेगी। रेलवे क्रॉसिंग पर ट्रैफिक की रिपोर्ट के बाद तय किया जाएगा कि वहां अंडरपास बनेगा या ओवरब्रिज। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल के 21 रेलवे क्रॉसिंग को चुना गया है।

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रेलवे में अभी हर तीन साल पर मैनुअल तरीके से रेलवे क्रॉसिंग पर वाहनों की आवाजाही की गणना की जाती है। इसके लिए रेलवे क्रॉसिंग पर 24 घंटे के लिए आठ-आठ घंटे की शिफ्ट पर एक-एक रेलकर्मी की ड्यूटी लगती है, जो सात दिनों तक दो पहिया, चार पहिया और इससे भारी वाहनों की गणना करते हैं।

रेलवे का मानना है कि यह तरीका सटीक नहीं है और सीमित अवधि के कारण वास्तविक ट्रैफिक का सही आकलन नहीं हो पाता। इसे देखते हुए अब रेल प्रशासन ने रेलवे क्रॉसिंग पर एआई बेस्ड कैमरे लगाने का निर्णय लिया है। इससे गुजरने वाले सभी वाहनों की सटीक जानकारी मिल सकेगी।
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नई व्यवस्था में एआई आधारित कैमरे वाहनों की आवाजाही का रिकॉर्ड तैयार करेंगे। इससे ट्रैफिक का अधिक विश्वसनीय विश्लेषण संभव होगा और आधारभूत ढांचा विकसित करने के फैसले ज्यादा सटीक होंगे।

टीवीयू क्या है और कब बनता है अंडरपास
ट्रेन और सड़क के वाहनों की गणना ट्रेन व्हीकल यूनिट (टीयूवी) के आधार पर की जाती है। उदाहरण के लिए एक दिन में गुजरने वाली ट्रेनों की संख्या और उस रेलवे क्रॉसिंग से गुजरने वाले वाहनों की कुल संख्या की गणना होती है। सात दिनों के आंकड़ों का औसत निकाला जाता है।

जब किसी व्यस्त रेलवे क्रॉसिंग पर टीवीयू एक लाख से अधिक हो जाता है, तब रेलवे और संबंधित राज्य सरकार 50-50 प्रतिशत की लागत के आधार पर अंडरपास या ओवरब्रिज का प्रस्ताव तैयार कर सकती है। जिस रेलवे क्रॉसिंग पर संख्या पांच लाख हो जाती है उसे प्राथमिकता दी जाती है।

लखनऊ मंडल से मांगी गई सूची
रेल प्रशासन ने लखनऊ मंडल के अधिकारियों से 21 रेलवे क्रॉसिंग की सूची मांगी है जहां एआई बेस्ड कैमरे लगाए जाएंगे। जिन रेलवे क्रॉसिंग पर वाहनाें की गणना की जांच किए तीन साल पूरे होने वाले हैं उन्हीं में से चयन किया जाएगा। इसके लिए सप्ताह भर का समय दिया गया है।

लखनऊ मंडल में 21 रेलवे क्रॉसिंग पर कैमरे लगाए जाएंगे। गणना के आने के बाद प्राथमिकता के तौर पर तय किया जाएगा कि कहां अंडरपास बनाना है और कहां आरओवी बनेगा। सटीक गणना और विश्लेषण के लिए एआई बेस्ड कैमरों की मदद ली जाएगी:सुमित कुमार, सीपीआरओ-एनईआर

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